
लातेहार: लातेहार स्टेशन रोड के चटनाही में स्थित सौम्या मेडिकल क्लीनिक के अंदर इंसानियत की सारी हदें पार हो रही थीं। शनिवार को नगर पंचायत कर्मियों को क्लीनिक के कचरे में खून से सना भ्रूण का अंग मिला। इसके बाद जो सच सामने आया उसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया।सूचना मिलते ही एसडीएम दिनेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक पर धावा बोल दिया। करीब 3 घंटे तक चली छापेमारी में मेडिकल की आड़ में चल रहे अवैध गर्भपात रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
कमरे के अंदर मिला मौत का सामान
छापेमारी टीम ने जब अंदर प्रवेश किया तो हर तरफ गंदगी और खून के निशान थे। जांच में टीम को एक्सपायरी दवाएं, बेहोशी के इंजेक्शन, गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजारऔर बिना रजिस्ट्रेशन के मरीजों के इलाज के सबूत मिले। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विवेक विद्यार्थी ने बताया, यहां मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा था। भारी मात्रा में एक्सपायरी और प्रतिबंधित दवाएं जब्त की गई हैं।
न कागज, न लाइसेंस… सिर्फ धंधा
नगर पंचायत प्रशासक राजीव रंजन के पूछने पर संचालक सागर कुमार एक भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। न ट्रेड लाइसेंस, न क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन। नियमों की धज्जियां उड़ाकर सिर्फ पैसे के लिए यह गोरखधंधा चल रहा था।इसके बाद प्रशासन ने क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया।
एसडीएम: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
एसडीएम दिनेश कुमार ने सख्त लहजे में कहा, यह बेहद गंभीर मामला है। बरामद सभी साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए रांची भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आते ही इसमें शामिल सभी लोगों पर हत्या और अवैध गर्भपात के तहत कठोर कार्रवाई होगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
अंचल अधिकारी नंद कुमार राम ने कहा, “हमें पहले से इस क्लीनिक की शिकायतें मिल रही थीं। मेडिकल के नाम पर काला कारोबार चल रहा था।
संचालक गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की तलाश
पुलिस ने संचालक सागर कुमार को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितनी बच्चियों और महिलाओं की जान इस अवैध क्लीनिक में गई और इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हैं।इस दर्दनाक घटना के बाद लातेहार में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि पैसों के लालच में ये लोग मासूम जिंदगियों को निगल रहे थे।

