रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन और पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त सौजन्य से राज्यव्यापी स्वास्थ कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। गेट्स फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से संचालित होने वाले इस अभियान के तहत राज्य के 13 जिलों में टाटा स्टील फाउंडेशन और 11 जिलों में पिरामल फाउंडेशन कार्य का क्रियान्वयन करेगी।

इसी सिलसिले में सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कोषांगों के राज्य प्रभारियों, चिकित्सा अधिकारियों और सलाहकारों ने स्वास्थ्य कार्य योजना पर गहन मंथन कर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
बैठक के दौरान एमडी ने जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रमुख निर्देश दिए।
राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कार्यों की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करने और प्रसव केंद्रों पर डेटा प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर की कार्यप्रणाली को मजबूत करते हुए जन आरोग्य समितियों के सशक्तिकरण और अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, काउंसलिंग, बर्थ वेटिंग होम की स्थापना और युवा मैत्री केंद्रों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग को अनिवार्य करने को कहा गया।
NQAS मानकों के अनुसार जिला अस्पतालों, CHC, PHC और आरोग्य मंदिरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने का लक्ष्य तय किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के राज्य प्रभारियों डॉ. रंजीत प्रसाद, डॉ. कमलेश कुमार, डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा, डॉ. लाल मांझी, डॉ. विजय किशोर रजक, डॉ. पुष्पा माल्टो, डॉ. राहुल कुमार सिंह सहित टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधि अनूप होरे, राजेश रंजन, विजय भास्कर एवं विजय दुबे मौजूद थे।


