
नई दिल्ली : कांग्रेस ने हाल ही में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के प्रचार पर कुल 248.6 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं, चुनाव की घोषणा से लेकर चुनाव खत्म होने के बीच पार्टी की कुल आय 207.1 करोड़ रुपये रही। चुनाव आयोग (EC) में 31 जुलाई को जमा किए गए पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी खर्च के ब्योरे से यह जानकारी सामने आई है।
चुनावों की घोषणा 15 मार्च को हुई थी और चुनाव प्रक्रिया 6 मई को समाप्त हुई। इस अवधि में कांग्रेस को 104 करोड़ रुपये नकद और 103.1 करोड़ रुपये चेक या ड्राफ्ट के जरिए मिले। चुनाव की शुरुआत में पार्टी के पास 22.9 करोड़ रुपये का नकद बैलेंस और बैंक खातों में 146.1 करोड़ रुपये थे। चुनाव खत्म होने के बाद नकद बैलेंस मामूली रूप से घटकर 22.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि बैंक बैलेंस करीब 45 फीसदी घटकर 80.6 करोड़ रुपये हो गया।
कांग्रेस के कुल चुनावी खर्च में 143 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार पर खर्च किए गए, जबकि उम्मीदवारों के चुनावी खर्च के लिए 105.6 करोड़ रुपये लगाए गए। पार्टी ने सोशल मीडिया और वर्चुअल प्रचार पर 6.8 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं, अपने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड के प्रचार से जुड़े खर्च पर 3.2 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए।
पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया विज्ञापनों पर 92.5 करोड़ रुपये खर्च किए। जनसभाओं, जुलूसों और रैलियों पर 8 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा बैज, पोस्टर, कटआउट और होर्डिंग समेत प्रचार सामग्री पर 11.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि प्रचार की अन्य गतिविधियों पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च हुए। चुनावी सर्वे और प्रचार से जुड़ी गतिविधियों पर कांग्रेस ने 4.8 करोड़ रुपये खर्च किए।

