
रांचीः राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। आंदोलन को और मजबूत करने के लिए आंदोलनकारी छात्र लगातार झारखंड के अन्य छात्रों से भी साथ आने की अपील कर रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की संभावित खबरों को लेकर JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने स्थिति साफ की है। मंच ने मुख्यमंत्री आवास घेराव की किसी भी योजना से इनकार किया है।
दरअसल, कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद ऐसी अटकलें शुरू हो गई थीं कि आंदोलनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव कर सकते हैं। माना जा रहा था कि इसी वजह से मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है। मीडिया में आई इन खबरों का JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने खंडन करते हुए कहा कि फिलहाल उनका मुख्यमंत्री आवास घेराव का कोई कार्यक्रम नहीं है।
देवेंद्रनाथ महतो को अस्पताल से सत्याग्रह स्थल लाने की मांग
दूसरी ओर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के दूसरे गुट ने भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो को सदर अस्पताल से धरनास्थल पर लाने की मांग की है। देवेंद्रनाथ महतो के गुट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन उनका संघर्ष और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं के साथ है। उन्होंने अस्पताल से सत्याग्रह स्थल जाने की अनुमति के लिए संबंधित अस्पताल प्रशासन को लिखित आवेदन भी दिया है। वक्ताओं के मुताबिक, विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की के बाद देवेंद्रनाथ महतो को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बावजूद उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है। ऐसे में उनके साथी छात्र-युवा चाहते हैं कि उनकी चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने साथियों के बीच सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए।
प्रेस वार्ता में रखी गईं ये प्रमुख मांगें
- चिकित्सकीय स्थिति और सक्षम चिकित्सक की सलाह के आधार पर देवेंद्रनाथ महतो को सदर अस्पताल से सत्याग्रह स्थल आने की अनुमति दी जाए।
- उन्हें सत्याग्रह स्थल तक पहुंचने के लिए प्रशासन की ओर से जरूरी सहयोग और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
- अगर प्रशासन उन्हें अस्पताल से सत्याग्रह स्थल जाने से रोकता है, तो रोकने का स्पष्ट कारण, संबंधित आदेश और उसका कानूनी या प्रशासनिक आधार लिखित रूप में दिया जाए।
- अगर उन्हें चिकित्सकीय कारणों से रोका जाता है, तो संबंधित चिकित्सकीय सलाह, रिपोर्ट या सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी की स्पष्ट लिखित राय सार्वजनिक या उपलब्ध कराई जाए।
वक्ताओं ने कहा कि यह मांग सिर्फ एक व्यक्ति को आंदोलन स्थल तक लाने की नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्र-युवाओं की भावनाओं और भरोसे से जुड़ी है, जो JPSC-JSSC में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में छात्र-युवा प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से अपील की कि मामले को मानवीय, चिकित्सकीय और लोकतांत्रिक नजरिए से देखा जाए। उन्होंने मांग की कि उचित चिकित्सकीय सलाह और सुरक्षा व्यवस्था के साथ देवेंद्रनाथ महतो को सत्याग्रह स्थल पर आने की अनुमति दी जाए।

