

जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त आंदोलन के प्रथम चरण सत्याग्रह और भूख हड़ताल आंदोलन के सूत्रधार छात्र आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने सरकार जेएसएससी सीजीएल , टीडीपीएल एजेंसी रद्द होते ही भूख हड़ताल के 17वें दिन अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। सदर अस्पताल में उनका अनशन स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे और डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो की उपस्थिति में समाप्त कराया गया।





स्वास्थ्य लाभ के बाद मंगलवार को सदर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर देवेन्द्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में विवादित सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है, जो भारत के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्र हित में सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान जिन परीक्षाओं पर आरोप लगाए गए थे, जिनमें जेएसएससी सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं शामिल हैं, उन्हें रद्द कर दिया गया है। इस आंदोलन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रेस मीडिया साथियों एवं अन्य सहयोगियों के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि अब अगली लड़ाई नई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और पैरवी के जरिए नौकरी पाने की कोई गुंजाइश न हो, अगर कोई धांधली का हिम्मत करता है तो उसे पकड़कर आजीवन कारावास हो तथा हर योग्य अभ्यर्थी को उसकी मेधा और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर नौकरी मिलने की गारंटी हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक भर्ती व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हो जाती।
