

महुआडांड़ (लातेहार): सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने और विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस ; करने के दावों के बीच महुआडांड़ प्रखंड की ओरसा पंचायत के टुकुडीह स्थित विद्यालय की तस्वीर व्यवस्था को आईना दिखा रही है। विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के सामने शिक्षा से पहले बुनियादी सुविधाओं की समस्या खड़ी है।विद्यालय भवन में दरवाजा और खिड़की की समुचित व्यवस्था नहीं है। बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त टेबल-बेंच उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण कई बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं होने की बात सामने आ रही है। वहीं विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क को लेकर भी ग्रामीणों ने परेशानी जताई है।





चारदीवारी और भवन से नहीं बनता आदर्श विद्यालय
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय का भवन होना ही पर्याप्त नहीं है। बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए। दरवाजा-खिड़की के अभाव में भवन की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, जबकि फर्नीचर की कमी सीधे बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करती है।सबसे गंभीर तस्वीर यह है कि नौनिहाल जमीन पर बैठकर किताब-कॉपी लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब बच्चे घंटों जमीन पर बैठने को मजबूर होंगे तो उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ेगा?
पेयजल की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
विद्यालय में बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की सुविधा बेहद जरूरी है। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में इस मूलभूत सुविधा को लेकर भी समस्या बनी हुई है। अभिभावकों ने मांग की है कि विद्यालय में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सड़क की समस्या से भी बढ़ रही परेशानी
टुकुडीह विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। बरसात के दिनों में आवागमन और मुश्किल होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल तक सुरक्षित पहुंच बच्चों की शिक्षा का अहम हिस्सा है।
ग्राम प्रधान बोले—बच्चों को उनका हक मिलना चाहिए
ग्राम प्रधान ने कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे गांव के भविष्य हैं। उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल में दरवाजा, खिड़की, टेबल-बेंच, पेयजल और सड़क जैसी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। ग्राम प्रधान ने संबंधित अधिकारियों से विद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
शिक्षक सुखराम नागेसिया ने कहा—फर्नीचर की जरूरत
विद्यालय में कार्यरत शिक्षक सुखराम नागेसिया ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त टेबल-बेंच नहीं होने के कारण बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। उन्होंने विद्यालय में दरवाजा, खिड़की, फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
अब जिम्मेदार अधिकारियों की बारी
ग्रामीणों का कहना है कि टुकुडीह विद्यालय की समस्या को केवल स्थानीय स्तर पर देखकर छोड़ना उचित नहीं होगा। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को विद्यालय की जमीनी स्थिति की जांच करनी चाहिए। जरूरत के अनुसार भवन की मरम्मत, दरवाजा-खिड़की, पर्याप्त टेबल-बेंच, स्वच्छ पेयजल और सड़क की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
