

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य की छात्राओं को उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करने के लिए ‘मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए इसके प्रावधानों में बड़ा संशोधन किया है। अब राज्य स्थित पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग (बीटेक) कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं की लाभान्वित संख्या और बजट दोनों में भारी बढ़ोतरी की गई है।





संशोधन के तहत पॉलिटेक्निक में छात्रवृत्ति पाने वाली छात्राओं की संख्या 3,000 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है, जबकि बीटेक की छात्राओं की संख्या 1,200 से बढ़ाकर 10,000 कर दी गई है। इसके लिए सरकार ने बजट भी काफी बढ़ा दिया है पॉलीटेक्निक का सालाना बजट 4.50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये और इंजीनियरिंग का बजट 3.6 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है। योजना के तहत पॉलिटेक्निक की छात्राओं को प्रति वर्ष 15,000 रुपये तथा बीटेक की छात्राओं को प्रति वर्ष 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह योजना सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं पर लागू होगी। छात्रवृत्ति का लाभ अगली कक्षा में प्रोन्नत होने पर ही मिलेगा, जिसके लिए छात्राओं को बिना किसी बैक पेपर (Back Paper) के न्यूनतम 50% अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। बैक पेपर होने की स्थिति में छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जेयूटी (JUT) से हटाकर ‘झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद’ को सौंपी गई है, जो डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे छात्राओं के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में राशि भेजेगी। अब तक इस योजना के तहत 333 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
