घाटशिला : अनुमंडल अस्पताल परिसर में करीब 85 लाख रुपये की लागत से बना 10 बेड का ट्रॉमा सेंटर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहा है। वर्ष 2020 में भवन तैयार हुआ था। कोरोना काल में इसका उपयोग क्वारंटीन सेंटर के रूप में किया गया था। बाद में यहां सड़क दुर्घटना और टीबी मरीजों का इलाज शुरू हुआ।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर करना पड़ता है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार ट्रॉमा सेंटर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन/फिजिशियन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और कम से कम दो मेडिकल ऑफिसरों की जरूरत है।
21 आउटसोर्सिंग कर्मियों के भरोसे व्यवस्था
ट्रॉमा सेंटर में करीब 21 आउटसोर्सिंग कर्मचारी लैब, फार्मेसी, एक्स-रे, ड्रेसिंग और नर्सिंग समेत विभिन्न सेवाएं दे रहे हैं। सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बीच केंद्र का संचालन अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टरों के भरोसे हो रहा है।
बीते एक महीने में घाटशिला क्षेत्र में करीब दो दर्जन सड़क दुर्घटनाओं में चार से पांच लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठ रही है।
स्थानीय विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा है कि ट्रॉमा सेंटर में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री को पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया गया है और डॉक्टरों की व्यवस्था होने पर तैनाती की जाएगी।


