रांची: आर्थिक थिंक-टैंक ‘ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स’ की हालिया ‘ग्लोबल सिटीज इंडेक्स 2026’ रिपोर्ट में भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इस सूची में दुनिया के 1,000 प्रमुख शहरों की समग्र रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची ने 74 पायदानों की एक लंबी छलांग लगाई है। इस शानदार सुधार के साथ रांची पूरे पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) में सबसे तेज गति से प्रगति करने वाला शहर बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 792वीं रैंक हासिल करने वाले रांची की विकास दर भारत के कई स्थापित शहरों से भी आगे निकल गई है। रैंकिंग में आए सुधार के अंतर के मामले में इसने प्रयागराज, लखनऊ और विशाखापटनम जैसे प्रमुख शहरों को पीछे छोड़ दिया है।

रांची की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे मुख्य रूप से पांच बड़े आधार रहे हैं। पहला, शहर का लॉजिस्टिक्स व रिंग रोड नेटवर्क, जिससे भारी वाहनों का दबाव कम हुआ और माल ढुलाई में तेजी आई। दूसरा, सर्विस सेक्टर और प्रशासनिक विस्तार, जिसके तहत बैंकिंग, आईटी इनेबल्ड सर्विसेज और फिनटेक में बढ़त दर्ज हुई। तीसरा, आईआईएम, बीआईटी मेसरा और रिम्स जैसे संस्थानों के कारण एजुकेशन व हेल्थकेयर हब के रूप में विकास। चौथा, प्रति व्यक्ति आय बढ़ने से रिटेल मॉल्स, ऑटोमोबाइल और आवासीय परियोजनाओं में निजी पूंजी का भारी प्रवाह। इसके अलावा, बड़े मेट्रो शहरों की तुलना में सस्ती जमीन और किफायती जीवनयापन ने निवेशकों को काफी आकर्षित किया है।
रिपोर्ट में पूर्वी भारत और देश के अन्य शहरों की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। झारखंड का औद्योगिक हब जमशेदपुर 844वें स्थान पर रहा, जहां स्टील और ऑटोमोबाइल क्लस्टर मजबूत होने के बावजूद आधुनिक आईटी व कॉरपोरेट बेस सीमित रहने के कारण बड़ा उछाल नहीं मिला। बिहार में पटना 783वें और गयाजी 897वें स्थान पर रहे। वहीं, पश्चिम बंगाल की बात करें तो कोलकाता 496वें स्थान पर रहा, जबकि कोयला और भारी इंजीनियरिंग का केंद्र आसनसोल 852वें पायदान पर दर्ज किया गया। देश स्तर पर टॉप-100 में 55 भारतीय शहर शामिल हैं, जिनमें अमरावती (7वें), सूरत (11वें), तिरुचिरापल्ली (13वें), बेंगलुरु (311वें), मुंबई (36वें) और दिल्ली (14वें) जैसे प्रमुख शहर विभिन्न मानकों पर आगे रहे हैं।


