जमशेदपुर : शहर में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गोलमुरी बैंक डकैती, फायरिंग, हत्या और जमीन से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए पुलिस के सूचना तंत्र और अपराध नियंत्रण व्यवस्था की जांच की मांग की।

अपराधियों को संरक्षण मिलने के संदेह की जांच की मांग : मुंडा ने कथित तौर पर सवाल उठाया कि यदि अपराधी लगातार बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, तो पुलिस के सूचना तंत्र की प्रभावशीलता की जांच होनी चाहिए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से अपराधियों को संरक्षण मिलने के संदेह की उच्चस्तरीय जांच की जरूरत बताई। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ उन्होंने नाम लेकर आरोप नहीं लगाया।
गोलमुरी बैंक डकैती का भी किया उल्लेख : मुंडा ने 24 सितंबर को गोलमुरी के केनरा बैंक में हुई बड़ी डकैती का हवाला दिया। पुलिस के अनुसार पांच हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाया और करीब 23 किलो सोना तथा ₹43 लाख नकद लूट लिए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं और प्रत्येक पर ₹2 लाख का इनाम घोषित किया है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम भी काम कर रही है।
बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल : डकैती के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में भी कमियां सामने आने की खबरें आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार बैंक में अलार्म सिस्टम से जुड़ी समस्या और अन्य सुरक्षा खामियों की जांच की जा रही है। डकैती से पहले अपराधियों द्वारा बैंक और आसपास के इलाके की रेकी किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। अर्जुन मुंडा के बयान के बाद जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था, पुलिस के सूचना तंत्र और अपराधियों तक संभावित संरक्षण की जांच को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर अब नजर रहेगी।


