मुफ्त बस यात्रा योजना से 5.9 करोड़ महिलाओं को लाभ, पुरुषों के लिए भी किराया घटा

तमिलनाडु की विस्तारित वेट्री पयानम योजना के तहत महिलाओं ने एक सप्ताह में करीब 5.9 करोड़ मुफ्त बस यात्राओं का लाभ उठाया। योजना से पुरुष यात्रियों को भी किराये में राहत मिली।

Archana Ekka
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चेन्नई : तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की विस्तारित ‘वेट्री पयानम’ योजना के तहत दो अक्टूबर को शुरुआत के बाद से करीब 5.9 करोड़ यात्राओं का लाभ लिया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सात अक्टूबर को एक ही दिन में करीब 88 लाख महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि कुछ मार्गों पर बस सेवाओं में बदलाव के कारण किराये में कमी हुई है, जिससे पुरुष यात्रियों को भी फायदा मिला है। तिरुनेलवेली-तिरुचेंदूर मार्ग पर किराया 50 रुपये से घटाकर 38 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह कुछ मार्गों पर एक्सप्रेस बसों का किराया भी कम हुआ है। तिरुवन्नामलाई जिले में पुरुष यात्रियों के लिए टिकट का किराया 10 रुपये से घटाकर सात रुपये कर दिया गया है। कन्याकुमारी जिले में भी 65 बसों में पुरुष यात्रियों को लाभ पहुंचाने के लिए किराये में संशोधन किया गया है।

वेल्लोर, तिरुपत्तूर और रानीपेट में विभिन्न सेवाओं के लिए संचालित 128 बसों को साधारण बसों में बदल दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के कुछ मार्गों पर पुरुष यात्रियों के लिए टिकट का किराया 12 रुपये तक कम हुआ है। अधिकारी ने बताया कि यह सरकार द्वारा निर्धारित मूल टिकट दर में सीधे कटौती नहीं है, बल्कि कुछ मार्गों पर बसों के संचालन के तरीके में बदलाव का परिणाम है। योजना के विस्तार के बाद यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए परिवहन अधिकारियों ने कई अधिक किराये वाली सेवाओं को साधारण बस सेवाओं में बदल दिया। इस बदलाव के कारण समान मार्गों पर पुरुष यात्रियों के सामान्य टिकट का किराया दूरी के आधार पर तीन रुपये से 12 रुपये तक कम हो गया।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती के अवसर पर यहां कोयम्बेडु बस टर्मिनस से महिलाओं को शून्य-किराये के टिकट जारी कर योजना की आधिकारिक शुरुआत की थी। सरकार के अनुसार, विस्तारित नेटवर्क में रोजाना औसतन 84.32 लाख शून्य-किराये के टिकट जारी किए जा रहे हैं।mदो अक्टूबर से योजना के संचालन के पहले सप्ताह में महानगरीय, शहरी, मुफस्सिल और घाट मार्गों पर कुल यात्राओं की संख्या 5.9 करोड़ से अधिक रही। मुख्यमंत्री ने 24 अगस्त को विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन खर्च के कारण महिलाएं सामाजिक और आर्थिक अवसरों से वंचित न हों।

योजना के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा पहले साधारण शहर और कस्बाई बसों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 40 किलोमीटर तक सीमित थी। अब इसे राज्य के सात परिवहन निगमों द्वारा संचालित 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (एलएसएस), डीलक्स, मुफस्सिल साधारण और घाट साधारण सेवाओं तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने कहा कि इस पहल से छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को शिक्षा, रोजगार, आजीविका तथा चिकित्सा एवं अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन में मदद मिलेगी। लाभार्थियों के लिए कोई आय सीमा नहीं होगी और रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं होगी। परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि योजना का उद्देश्य यात्रा की लागत को महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों की शिक्षा, रोजगार तथा आर्थिक सशक्तीकरण में बाधा बनने से रोकना है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।