मुंबई: शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने को लेकर शनिवार को केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि मौजूदा सरकार के पास ‘‘इसे आपातकाल कहने की भी हिम्मत नहीं है।’’

शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया। पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता अभिजीत दीपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
दीपके और कॉजपा के दो अन्य नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया।
ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मौजूदा शासन में अब भी इसे आपातकाल कहने की हिम्मत नहीं है।’’
उन्होंने इस पोस्ट के साथ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं।
तस्वीर में ये नेता पुलिस के वाहन में हिरासत में लिए हुए दिखाई दे रहे हैं।
कॉजपा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है।


