रांची : भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुक्रवार को रांची के जेएससीए स्टेडियम में दूसरा टी-20 मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के पास रांची में पहली बार टी-20 इंटरनेशनल खेलने का मौका होगा। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। पहले मुकाबले में प्लेइंग-11 से बाहर रहे वैभव को इस बार मौका मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर टिकी होंगी। भारतीय टी-20 टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रिंस यादव और मयंक यादव ने अब तक रांची में कोई टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। इन खिलाड़ियों के लिए जेएससीए स्टेडियम की परिस्थितियों को समझना भी एक चुनौती होगी।

अगर वैभव को प्लेइंग-11 में जगह मिलती है, तो भारत में यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। वहीं, रांची के क्रिकेट प्रेमियों के बीच झारखंड टीम के कप्तान ईशान किशन को लेकर भी जबरदस्त उत्साह है। अपने घरेलू मैदान पर ईशान कैसा प्रदर्शन करते हैं, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी। गुरुवार को अभ्यास सत्र के दौरान वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन दोनों ही आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने कौन उतरेगा? संजू सैमसन को मौका मिलेगा या वैभव सूर्यवंशी ओपनिंग करते दिखेंगे, इसका जवाब मैच के दिन ही मिलेगा।
साढ़े तीन साल बाद रांची में टी-20 का रोमांच
रांची में आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जनवरी 2023 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया था। उस मैच में भारतीय टीम को 21 रन से हार का सामना करना पड़ा था। अब करीब साढ़े तीन साल बाद जेएससीए स्टेडियम में एक बार फिर टी-20 क्रिकेट का रोमांच देखने को मिलेगा। मैच शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि दर्शकों के लिए स्टेडियम के प्रवेश द्वार दोपहर 3 बजे खोल दिए जाएंगे। घरेलू मैदान पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। भारत ने जेएससीए स्टेडियम में खेले गए चार टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में से तीन में जीत दर्ज की है। हालांकि, 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार टीम को जरूर याद होगी।
धीमी पिच पर स्पिनरों को मिल सकता है फायदा
जेएससीए स्टेडियम की पिच आमतौर पर सूखी और धीमी मानी जाती है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, गेंद पिच पर रुककर बल्लेबाज तक पहुंचती है। ऐसे में खासकर आखिरी ओवरों में स्पिन गेंदबाजों को मदद मिल सकती है। बल्लेबाजों के लिए इस तरह की पिच पर रन बनाना आसान नहीं रहता। अक्टूबर के महीने में ओस भी अहम भूमिका निभा सकती है। रांची में भारत ने अब तक तीन बार टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। ओस के कारण बाद में गेंदबाजी करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए टॉस इस मुकाबले में भी अहम साबित हो सकता है।
बादलों के बीच होगा मुकाबला, बारिश की संभावना नहीं
मौसम की बात करें तो साइक्लोनिक ट्रफ के प्रभाव से 9 अक्टूबर को रांची में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बारिश का अनुमान नहीं है। ऐसे में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पूरे मुकाबले की उम्मीद की जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रांची के घरेलू मैदान पर ईशान किशन अपने बल्ले से कितना कमाल दिखाते हैं और क्या वैभव सूर्यवंशी को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलता है।


