गाजियाबाद: भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला भव्य हवाई प्रदर्शन इस बार 25 अक्टूबर को वाराणसी में किया जाएगा।

आठ अक्टूबर 1932 को हुई अपनी स्थापना के 90 से अधिक वर्षों का जश्न मनाते हुए भारतीय वायुसेना ने बृहस्पतिवार को यहां हिंडन वायुसेना स्टेशन में एक शानदार परेड आयोजित की।
वायुसेना दिवस परेड के सफल समापन के साथ ही, वायुसेना ने अब वाराणसी के आसमान में अपना जौहर दिखाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने
वाला शानदार रस्मी फ्लाईपास्ट 25 अक्टूबर को वाराणसी में होने जा रहा है।’’
यह हवाई प्रदर्शन इस वर्ष के समारोह की थीम—‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ -को जीवंत रूप में प्रदर्शित करेगा।
नवंबर 2025 में अपने 93वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान, हिंडन वायुसेना स्टेशन में पारंपरिक परेड आयोजित करने के साथ-साथ, वायुसेना ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर एक बेहद भव्य हवाई शो भी प्रस्तुत किया था।
रस्मी हवाई प्रदर्शन वायुसेना की हवाई संपदा और सामर्थ्य का प्रदर्शन करते हैं तथा इसके साथ ही वे आम जनता के साथ बल के जुड़ाव को मजबूत करने का एक मंच भी प्रदान करते हैं।
वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने बृहस्पतिवार को यहां हिंडन वायुसेना स्टेशन में समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि 1932 में अपनी स्थापना के बाद से, भारतीय वायुसेना एक असाधारण, नेटवर्क-केंद्रित और बहु-आयामी बल के रूप में विकसित हुई है, जो किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा सतर्क और तैयार है।
औपचारिक परेड के अलावा, राफेल और तेजस जैसे कुछ खास लड़ाकू विमानों का ‘स्टैटिक डिस्प्ले’ और तीन एमआई-17 हेलीकॉप्टरों का फ्लाईपास्ट भी आयोजित किया गया। ब्रिटिश-युग के ‘टाइगर मॉथ’ विमान के हवाई करतबों ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
वायुसेना द्वारा संरक्षित एक अहम प्राचीन संपदा ‘टाइगर मॉथ’ को अब हिंडन वायुसेना स्टेशन में रखा है।
जैसे ही इस पुराने प्रशिक्षण विमान ने आसमान में उड़ान भरी और हवाई करतब दिखाते हुए गोते लगाए एवं कलाबाजियां खाईं, वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं।
दो सीटों वाले इस पुराने विमान के संक्षिप्त हवाई प्रदर्शन के अंत में, इसने बेहद कम ऊंचाई पर कुछ हवाई करतब दिखाए। इस दौरान पायलट और सह-पायलट ने नीचे मौजूद भीड़ की तरफ हाथ हिलाया, और दर्शकों ने भी हाथ हिलाकर दोनों का अभिवादन किया।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ब्रिटिश जमाने के ‘टाइगर मॉथ’ विमान को विंग कमांडर शिशिर अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन अमित धोपावकर उड़ा रहे थे।
टाइगर मॉथ विमान शृंखला को सबसे पहले 1930 के दशक में डी हैविलैंड एयरक्राफ्ट कंपनी ने बनाया था, जिसे मूल रूप से इंग्लैंड की रॉयल एयर फ़ोर्स के लिए तैयार किया गया था।
हिंडन वायुसेना स्टेशन में प्रदर्शित अन्य महत्वपूर्ण विमानों और अस्त्र प्रणालियों में सुखोई 30 एमकेआई और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान; प्रचंड और ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर; ब्रह्मोस, आकाश, रोहिणी राडार प्रणाली तथा एक डोर्नियर विमान शामिल थे।


