देश संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलता है : दानिश आजाद अंसारी

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया। दानिश आजाद अंसारी ने आंदोलन की आलोचना की, जबकि अखिलेश यादव और कांग्रेस ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।

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लखनऊ/बलिया: उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने शनिवार को कहा कि देश लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के अनुसार चलता है और इसे जबरदस्ती नहीं चलाया जा सकता। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए अंसारी ने आरोप लगाया कि देश में कुछ लोग जानबूझकर न केवल संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं, बल्कि अशांति फैलाने के लिए भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। अंसारी ने शनिवार को बलिया में संवाददाताओं से कहा, ”लोगों को बेवजह गुमराह करने की मानसिकता से ऊपर उठना चाहिए। देश लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान से चलता है, इसे जबरदस्ती नहीं चलाया जा सकता। मुद्दा चाहे जो भी हो, बातचीत और संवाद से समाधान निकाला जा सकता है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है और जनता ने उसे पूरी तरह नकार दिया है। अभिनेत्री से नेता बनीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकसभा सदस्य कंगना रनौत ने शनिवार को लखनऊ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन के लिए कॉजपा के प्रदर्शन के आह्वान के कारण ट्रेनों के रद्द होने से जुड़े सवालों को टाल दिया।

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की प्रमुख आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने शनिवार को जारी विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”यह डरी हुई भाजपा की तस्वीर है। आज भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश कर रही है।” मोना ने सवाल उठाया कि संविधान देश के प्रत्येक राजनीतिक दल, संगठन और व्यक्ति को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार देता है, ऐसे में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने की क्या जरूरत है। उन्होंने पूछा, ”ट्रेन और मेट्रो सेवाएं क्यों रोकी गईं? ट्रेनें क्यों रद्द की जा रही हैं? टोल प्लाजा पर गाड़ियों को क्यों रोका जा रहा है?” उन्होंने कहा कि भाजपा को इन सवालों का जवाब देना होगा।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा, ”किसी के रोके नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा।” अखिलेश ने कहा, ”हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं। भाजपा सरकार अगर समझ रही है कि वह ताकत के बल पर जनता को रोक लेगी, तो यह उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। ‘जंतर-मंतर’ अब एक जगह का नाम नहीं, एक नयी चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। अगर सरकार ने आंदोलनकारियों को रोका, तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा।”

सपा प्रमुख ने इसी पोस्ट में शायराना अंदाज में आगे कहा, ”माना बादशाहों का बंदोबस्त है बख्तरबंद, पर उन्होंने देखा न नौजवानों का दमखम। यहां हौसलों की भी तैयारी है चाक-चौबंद, हैं साथ सब, मानकर इसको अंतिम जंग।” राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रवक्ता अंकुर सक्सेना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”चूंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़ा मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए किसी भी तरह का विरोध या आंदोलन शीर्ष अदालत और न्यायपालिका का अनादर होगा।”

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने शनिवार को ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाने के लिए कॉजपा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार इन विरोध प्रदर्शनों पर अंकुश लगाएगी, जिनसे राज्य और देश के लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। ये प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉजपा के प्रस्तावित आंदोलन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।