रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 78 दिनों के बोनस को केंद्र की मंजूरी

रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी; वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 78 दिनों के उत्पादकता आधारित बोनस को केंद्र की मंजूरी, धनबाद मंडल के 20,885 कर्मी होंगे लाभान्वित।

Razi Ahmad
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Dhanbad News: रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र रेलकर्मियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। इस फैसले से धनबाद रेल मंडल के 20,885 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। मंडल में बोनस के रूप में कुल 36 करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया जाएगा।
देशभर में रेलवे के 11,40,770 पात्र कर्मचारियों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार ने बोनस भुगतान के लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। निर्धारित गणना के आधार पर प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे।

धनबाद रेल मंडल में किस विभाग को कितनी राशि मिलेगी?

धनबाद रेल मंडल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों के लिए बोनस की राशि निर्धारित की गई है।

  • कार्मिक विभाग: 19,460 कर्मचारियों के लिए 34,23,53,091 रुपये।
  • सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग: 1,131 कर्मचारियों के लिए 2,00,94,854 रुपये।
  • लेखा विभाग: 98 कर्मचारियों के लिए 17,59,198 रुपये।
  • डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन): 82 कर्मचारियों के लिए 14,28,635 रुपये।
  • डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन): 59 कर्मचारियों के लिए 10,55,380 रुपये।
  • डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकॉम इंजीनियर (वर्क्स): 38 कर्मचारियों के लिए 6,75,561 रुपये।
  • सीएमए विभाग: 6 कर्मचारियों के लिए 1,07,706 रुपये।

अधिकतम 17,951 रुपये बोनस मिलने का प्रावधान

केंद्र सरकार की मंजूरी के अनुसार, पात्र रेलकर्मियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस दिया जाएगा। हालांकि, बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा के कारण कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये ही मिलेंगे।

रेल कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस सीमा में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाए। यूनियनों का कहना है कि ऐसा होने पर कर्मचारियों को करीब 53,000 रुपये तक बोनस मिल सकता था।

बोनस की राशि को लेकर रेल यूनियनों में नाराजगी

ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन के संस्थापक बीआर सिंह ने सरकार के फैसले पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इस बार बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा में बढ़ोतरी की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

वहीं, ईसीआरएमसी के पीएस चतुर्वेदी ने भी अधिकतम 17,951 रुपये के बोनस को अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा कि रेलकर्मी पूरी निष्ठा से काम करते हैं, इसलिए सरकार को बोनस की राशि पर पुनर्विचार करना चाहिए।

12 वर्षों से वेतन सीमा नहीं बढ़ने का दावा

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (NFIR) ने भी बोनस की गणना की सीमा बढ़ाने की मांग की है। संगठन के अनुसार, पिछले 12 वर्षों से 7,000 रुपये की वेतन सीमा में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान रेलवे की उत्पादकता और कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।

रेल कर्मचारी संगठनों की मांग है कि बोनस की गणना 21,000 रुपये की वेतन सीमा के आधार पर की जाए, ताकि कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अधिक लाभ मिल सके। फिलहाल, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 78 दिनों के बोनस को मंजूरी दी है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।