पीड़ितों के 9.73 करोड़ रुपये के लंबित मुआवजे का जल्द भुगतान हो: केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 225 मामलों में पीड़ितों के लंबित 9.73 करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का पांच सप्ताह के भीतर भुगतान करे।

Razi Ahmad
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कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 225 मामलों में पीड़ितों के मद में लंबित 9.73 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उन्हें पांच सप्ताह के भीतर जारी करे। ये मामले 16 सितंबर से अदालत में लंबित हैं।

मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. की पीठ ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह मध्यस्थों का मानदेय फिलहाल संशोधित दरों पर जारी करे और 2022 में शासी मंडल द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार इन राशियों पर पुनर्विचार करे।

केरल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (केईएलएसए) ने अदालत को यह बताया था कि संशोधित राशियां शासी मंडल द्वारा अनुशंसित राशियों से कम हैं जिसके बाद पीठ ने मध्यस्थों की दरों पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया।

अदालत ने यह भी कहा, ‘‘केईएलएसए के सदस्य सचिव अब से यह सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ितों को मुआवजा समय पर मिल जाए। संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (डीएलएसए) के सचिवों को उचित निर्देश दिए जाएंगे ताकि भविष्य में पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में कोई देरी न हो।’’

पीठ ने कहा, ‘‘डीएलएसए के सचिवों को निर्देश दिया जाता है कि वे मुआवजे के निपटारे के समय ही पीड़ितों से सभी जरूरी दस्तावेज ले लें, ताकि मुआवजा देने की प्रक्रिया में आगे कोई देरी नहीं हो।’’

अदालत ने राज्य भर के मध्यस्थता केंद्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को लेकर भी निर्देश जारी किए।

पीठ ने केईएलएसए के सदस्य सचिव को निर्देश दिया कि वे हर हफ्ते संबंधित डीएलएसए के साथ मुआवजा वितरण की स्थिति की समीक्षा करें और सुनवाई की अगली तारीख, दो दिसंबर को एक रिपोर्ट पेश करें।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।