नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) को निशाना बनाकर की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही का अनुरोध करने वाली एक शिकायत के आधार पर याचिका दर्ज की है। उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार, 13 अक्टूबर को वकील विनीत जिंदल की ओर से प्रधान न्यायाधीश को भेजी गई एक शिकायत को 30 अक्टूबर को रिट याचिका के रूप में दर्ज किया गया।

शिकायत में यह भी अनुरोध किया गया है कि अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया जाए कि क्या 12 अक्टूबर, 2026 की शाम को उच्चतम न्यायालय परिसर में राहुल गांधी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में हुआ राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी बिना अनुमति के की गई थी या इससे वकीलों, मुकदमों से जुड़े लोगों, न्यायिक अधिकारियों या अदालत कर्मचारियों की आवाजाही में कोई बाधा उत्पन्न हुई थी। कांग्रेस की केरलम इकाई के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ की गई एक पोस्ट 12 अक्टूबर को वायरल हो गई थी। सोशल मीडिया पर इसकी तीखी आलोचना हुई, जिसके बाद पोस्ट को हटा दिया गया। इसके बाद पार्टी ने पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया।

केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक बयान में कहा कि पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ विवादित संदेश पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है। जोसेफ ने कहा कि यह पोस्ट केपीसीसी नेतृत्व की जानकारी, सहमति या सलाह के बिना की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस पार्टी का कोई मतभेद नहीं है।


