जयपुर: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर पर्याप्त विचार-विमर्श के बिना बड़े नीतिगत फैसले लेने और बाद में उन्हें बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने अग्निवीर योजना, तीन कृषि कानूनों और जातिगत जनगणना का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार गंभीर मुद्दों पर प्रयोग कर रही है। पायलट ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने अग्निवीर योजना को लेकर शुरुआत में ही सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, ”हमने शुरुआत से ही अग्निवीर योजना पर सवाल उठाए थे। हमने कहा था कि चार साल बाद सशस्त्र बलों से बाहर होने वाले युवाओं को लगेगा कि उनके साथ धोखा हुआ है और वे असहज महसूस करेंगे।” पायलट ने योजना लागू करने के पीछे सरकार की मंशा और अब इसमें किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने मूल फैसले और अब किए जा रहे बदलावों, दोनों के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार समाज और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों पर प्रयोग कर रही है। उन्होंने लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और पहले जातिगत जनगणना की मांग का विरोध करने के बाद अब इसे कराने के सरकार के फैसले का जिक्र किया। पायलट ने कहा, ”पार्टी नेता राहुल गांधी लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें शहरी नक्सली तक कहा गया। अचानक सरकार जातिगत जनगणना के समर्थन में आ गई।” उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं के कारण लोगों में व्यापक असंतोष है। जयपुर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली पर पायलट ने सत्तारूढ़ पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ”मुझे आश्चर्य है कि अब सरकार के मंत्री और भाजपा के मुख्यमंत्री रैलियां निकाल रहे हैं। आपने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं का मजाक बनाकर रख दिया है।” पायलट ने भाजपा पर संस्थाओं की स्वतंत्रता कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), न्यायपालिका और नौकरशाही के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं। मतदाता सूचियों से 13.5 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में मतदान के अधिकार की रक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। पायलट ने कहा, ”लोकतंत्र में मतदान का अधिकार सबसे बुनियादी अधिकार है। इस अधिकार में किसी के हस्तक्षेप को कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है?”
उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलने चाहिए और निर्वाचन आयोग निष्पक्ष होना चाहिए। साथ ही चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेही वाली होनी चाहिए। जनता को तय करना चाहिए कि सत्ता में कौन आएगा और कौन जाएगा। इसके लिए सभी को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और निर्णायक की भूमिका निभाने वाली संस्था निष्पक्ष होनी चाहिए।” पंजाब का जिक्र करते हुए पायलट ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर राज्य की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
पंजाब के लिए कांग्रेस प्रभारी पायलट ने सवाल किया कि पाकिस्तान सीमा से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को न तो कोई विशेष पैकेज मिला है और न ही राज्य में कोई बड़ा औद्योगिक निवेश आया है। पायलट ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी का जनसमर्थन घट रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसमें हरित क्रांति और आतंकवाद के दौर के बाद राज्य में शांति बहाल करने के प्रयास शामिल हैं।
पायलट ने कहा, ”हम पंजाब विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेंगे और सरकार बनाएंगे।” बुधवार को संगरूर में कांग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को रोकने की कोशिशों के बावजूद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। उन्होंने इस रैली को पंजाब में कांग्रेस के चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत बताया। पायलट ने भाजपा नेताओं पर अहंकार में रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें विपक्ष का मजाक उड़ाने के बजाय युवाओं, महिलाओं और आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।


