CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शिक्षक नियुक्ति व पारा शिक्षकों के वेतनमान पर होना था फैसला, नहीं हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

News Aroma Media
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रांची: लंबे समय तक बीमार रहे सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अब स्वस्थ हो चुके हैं। करीब 10 महीने बाद जगरनाथ महतो ने शिक्षा मंत्री का दोबारा पदभार ग्रहण किया। उन्होंने सबसे पहले पारा शिक्षकों के गठित होने वाले कल्याण कोष की फाइल मांगी।

उन्होंने कल्याण कोष गठन की वर्तमान स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद निर्देश दिया कि इस काम को जल्द पूरा करें। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे पारा शिक्षकों के सभी विषयों पर शीघ्र फैसला लेंगे।

अब वे पूरी तरह स्वस्थ होकर काम पर आ चुके हैं। उन्होंने जिन-जिन विषयों पर पूर्व में आश्वासन दे रखा है, उन सबको प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों को वेतनमान दिए जाने के बारे में भी वे तत्पर हैं।

शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया और अंतर जिला स्थानांतरण पर भी पूर्व के कहे अनुसार ही वे निर्णय लेंगे।

शुक्रवार को होनेवाली मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बारे में मंत्री ने कहा कि वे उक्त बैठक में रहेंगे और सीएम से इन विषयों पर चर्चा करेंगे।

ये बैठक हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली थी लेकिन किसी करणवश ये बैठक आज नही हुई। अब ये बैठक कब होगी इसको लेकर कोई तारीख सरकार के तरह से नहीं दिया गया है। इसमें राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों के सभी मामलों की समीक्षा होनी थी।

CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शिक्षक नियुक्ति व पारा शिक्षकों के वेतनमान पर होना था फैसला, नहीं हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

उम्मीद लगाई जा रही थी की फैसला पारा शिक्षकों के पक्ष में आए। इस बैठक में पारा शिक्षकों को लेकर कई फैसले होने थे।

लेकिन ऐसा होने से पारा शिक्षक काफी निराश हैं वहीं उनका कहना है की सरकार की मंशा साफ़ नहीं है। पारा शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व हेमंत सोरेन ने वादा किया था कि उनकी सरकार बनते ही प्रदेश के तमाम पारा शिक्षकों का वेतनमान लागू करते हुए स्थाईकरण किया जाएगा।

लेकिन अब सरकार बनने से दो वर्ष बीतने को है और अभी तक वर्तमान झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा पारा शिक्षकों के लिए कोई सहयोग रूपी कार्य नहीं किया गया है। जिससे कि प्रदेश के तमाम 65000 पारा शिक्षकों में भारी आक्रोश है।

CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शिक्षक नियुक्ति व पारा शिक्षकों के वेतनमान पर होना था फैसला, नहीं हुई शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

16 अगस्त से आंदोलन

बता दें कि पारा शिक्षक भी 16 अगस्त से आंदोलन फिर शुरू हो जाएगा। आर-पार की लड़ाई के लिए वह तैयार हैं।

इस आर-पार की लड़ाई में धरना, प्रदर्शन व अनशन किया जाएगा। पारा शिक्षकों ने यहां तक कहा है कि जरूरत पड़ी तो आत्मदाह भी करेंगे।

सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई के लिए तमाम पारा शिक्षकों ने एक बैठक कर रणनीति तैयार की है। पारा शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि आगामी 15 अगस्त तक वेतनमान और स्थाईकरण लागू करे।

15 अगस्त को ऐलान कर सकते हैं सीएम

वहीं, झारखंड को कोचिंग हब बनाए जाने के संबंध में भी सीएम ने शिक्षा विभाग को प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है। समीक्षा बैठक में शिक्षकों की नियुक्ति नियमावली, आदर्श विद्यालयों की स्थापना, आकांक्षा योजना में बेहतर करने के लिए वर्क प्लान बनाने, किताबों की छपाई और वितरण, मध्याह्न भोजन योजना से लेकर ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा होगी।

उम्मीद है कि समीक्षा बैठक में इन बिंदुओं पर सहमति देने के बाद 15 अगस्त को मुख्यमंत्री स्वयं इसकी घोषणा को लेकर काफी उम्मीद जगी थी।

पारा शिक्षकों के हक में होगा फैसला

पारा शिक्षकों को 5200 से 20,000 का वेतनमान और 2800 तक का ग्रेड पे देने पर फैसला हो सकता है।

कल्याण कोष का गठन होने पर पारा शिक्षकों के आकस्मिक निधन पर 5 लाख रुपए, बेटी की शादी, दो बच्चों की उच्च शिक्षा और बीमार होने पर इलाज के लिए राशि मिल सकेगी।

राज्य सरकार इस कोष में 10 करोड़ रुपए देगी, जबकि पारा शिक्षक हर महीने 200 रुपए इसमें जमा कराएंगे।

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