मुख्यमंत्री के दबाव को भी किसानों ने नकारा, झामुमो, कांग्रेस ,राजद का किसान विरोधी चेहरा उजागर: दीपक प्रकाश

News Aroma Media
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न्यूज़ अरोमा रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने मंगलवार को हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि किसानों ने मोदी सरकार के नए कृषि कानून का समर्थन करते हुए बंद के आह्वान को पूरी तरह नकार दिया।

राज्य के सत्ताधारी दलों को जनता ने ठुकरा दिया है। वामपंथी पार्टियां तो बिन पेंदी का लोटा हो गई हैं, जो पूरी दुनिया से समाप्त हो रहे हैं।
प्रकाश मंगलवार को यहां प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों के आंदोलन पर कहा कि आंदोलन में किसान बाहर है, किसानों के बीच निःस्वार्थ भाव से केवल किसानों के लिये कार्य करने वाले संगठन भी आंदोलन से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि आंदोलन में कोई है तो वैसे लोग हैं, जिन्होंने वर्षों तक किसानों की अनदेखी की। कानून का विरोध करने वालों ने कहा था कि इस आंदोलन में कोई भी राजनीतिक दल शामिल नही होगा।

लेकिन आज ठीक इसके विपरीत हो हुआ। आंदोलन में केवल राजनीतिक विरोध हो रहे किसान के हित गौण रहे।

प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वर्षों तक स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यूपीए शासन काल में एक लाख से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की पर ये चुप बैठे रहे।

उन्होंने कहा कि जो दल आज कानून का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने अपने अपने घोषणा पत्र और बयानों के माध्यम से कानून की बातों का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने 2019 के घोषणा पत्र के पेज 17 के बिंदु 11 में एपीएमसी एक्ट को निरस्त करने, कृषि उत्पादों के व्यापार की व्यवस्था करने, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को समाप्त करने की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता शरद पवार ने भी केन्द्रीय कृषि मंत्री के रूप में कृषि सुधारों को लागू करने की पुरजोर वक़ालत की थी। डीएमके ने भी 2016 में कृषि सुधार कानून की बातों को अपने घोषणापत्र में शामिल किया था।

आम आदमी पार्टी ने तो दिल्ली में कानून को लागू करने की अधिसूचना तक 23 नवम्बर को जारी कर दिया। प्रकाश ने कहा कि अकाली दल, शिवसेना, समाजवादी पार्टी सभी का दोहरा चरित्र उजागर हो चुका है।

प्रकाश ने कहा कि झारखंड में किसानों के धान खरीद पर रोक लगाने वाली सरकार आज किसानों की हितैषी बनने का नाटक कर रही है। उन्होंने पूछा कि यूरिया की कालाबाजारी करने वालों पर सरकार ने क्या करवाई की।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना क्यों बंद की गई। किसानों की ऋण माफी का क्या हुआ। यह किसान विरोधी लोग आज घड़ियाली आंसू बहा रहे है। जनता इनको पहचान चुकी है।

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