
Tejashwi Yadav’s Statement : पटना में बिहार विधानसभा के चल रहे Budget Session के दौरान गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav के बयान पर सदन का माहौल अचानक गर्म हो गया। उनके बोलते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
Tejashwi Yadav ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि बिहार में अपराध चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आए दिन हत्याएं हो रही हैं।
उन्होंने NEET की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में अपहरण के बाद हत्या जैसी घटनाओं का उदाहरण देते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए।
‘जंगलराज’ वाले बयान से बढ़ा तनाव
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की स्थिति ऐसी हो गई है जिसे जंगलराज कहा जा सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जंगलराज” शब्द सुनकर जानवर भी नाराज हो जाएंगे।
उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि थाने खामोश हैं, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह मदहोश हो चुकी है।
चुनाव और लोकतंत्र पर टिप्पणी
तेजस्वी यादव ने NDA की चुनावी जीत को लेकर कहा कि चुनाव में भले ही लोग हारे हों, लेकिन लोकतंत्र की जीत हुई है।
इस बयान पर सत्ता पक्ष की महिला विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद विधानसभा में शोर-शराबा और नोकझोंक शुरू हो गई।
चोट के बावजूद बोले तेजस्वी
इससे पहले तेजस्वी यादव ने पैर में चोट लगने के कारण बैठकर बोलने की अनुमति स्पीकर से मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद उन्होंने सरकार पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने मौजूदा सरकार को झूठी, वादाखिलाफी करने वाली और 100 प्रतिशत लापरवाह बताया। साथ ही आरोप लगाया कि जनतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है।
सत्ता पक्ष का पलटवार
तेजस्वी यादव के बयान पर उपमुख्यमंत्री Vijay Sinha ने पलटवार किया। उन्होंने तेजस्वी को “जंगलराज का युवराज” बताते हुए कहा कि जानवरों का चारा चुराने वाले हमें उपदेश न दें।
उन्होंने यह भी कहा कि जो अपने घर की बेटी-बहू को सम्मान नहीं दे सकते, वे समाज को क्या सम्मान देंगे।
CM की नाराजगी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव के बयान पर नाराजगी जताई और उन पर गंभीर आरोप लगाए।
तेजस्वी यादव के बयानों से बिहार विधानसभा का माहौल पूरी तरह गरमा गया। कानून-व्यवस्था, लोकतंत्र और सरकार की कार्यशैली को लेकर हुई यह बहस साफ दिखाती है कि आने वाले दिनों में सियासी टकराव और तेज हो सकता है।

