निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन में अन्नपूर्णा देवी ने कहा- बंगाली साहित्य, भाषा और संस्कृति की महान परंपरा

News Aroma Media
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

कोडरमा: निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन (Nikhil Bharat Bang Sahitya Sammelan) का आंचलिक द्विवार्षिक सम्मेलन झुमरीतिलैया (Jhumritilaiya) में शनिवार संध्या शुरू हुआ।

उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी (Annapurna Devi) ने कहा कि इस आयोजन से झुमरीतिलैया ही नहीं बल्कि पूरा जिला गौरवान्वित हुआ है। इसके लिए आयोजकों को उन्होंने बधाई दी।

उन्होंने कहा कि बंगाली साहित्य (Bengali literature) , भाषा और संस्कृति की महान परंपरा रही है। समाज के बौद्धिक विकास के लिए साहित्य जरूरी है। उन्होंने कहा कि बंगला साहित्य ने देश को बहुत कुछ दिया है।

साहित्य से लगाव जरूरी :नीरा

विधायक डॉ नीरा यादव (Dr. Neera Yadav) ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बहुत कुछ निकलेगा।

समाज को आगे बढाने के लिए साहित्य (Litrature) जरूरी है। शिक्षा और बौद्धिक विकास के साथ ही रचनात्मक कार्यों में युवाओं को लगाना होगा जिसके लिए इस प्रकार के आयोजन, साहित्य से लगाव बेहद जरूरी है।

बांग्ला साहित्य अनुकरणीय : शालिनी

पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता (Shalini Gupta) ने कहा कि साहित्य में मेरी गहरी रुचि है।

निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन का शानदार इतिहास रहा है।

बंगला भाषी मनीषियों ने देश और विदेश में मानवता का संदेश दिया है। साहित्य की दुनिया में बांग्ला साहित्य अनुकरणीय है।

कार्यक्रम का संचालन संदीप मुखर्जी ने किया।

अध्यक्षता संत कुमार दां ने की वहीं झंडोतोलन मुख्य अतिथि के अलावा सभापति जयंत डे समेत अन्य अतिथियों ने किया।

इस दौरान गौतम भट्टाचार्य, विपुल गुप्ता, मनोज सतपथी, आशीष गुप्त, मन्तोष बसु, पम्पासेन विश्वास, रविन्द्र चन्द्र दास, डॉ अभिजीत राय ने अपनी बातें रखी।

Share This Article