
तोरपा: कुल्डा जंगल में जन्मे नन्हे गजराज की सुरक्षा अब पूरे हाथी दल की पहली जिम्मेदारी बन गई है। यही वजह है कि खूंटी-सिमडेगा मुख्य सड़क इन दिनों हाथियों की चौकसी का हिस्सा बन गई है। रविवार को तोरपा प्रखंड मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर एक विशाल जंगली हाथी अचानक सड़क के बीचोंबीच आकर खड़ा हो गया। देखते ही देखते वाहनों के पहिए थम गए और सड़क पर तमाशबीनों की भीड़ उमड़ पड़ी।
रोमांच का नशा लोगों पर इस कदर हावी था कि कई युवक हाथी के बेहद करीब पहुंचकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने लगे। कुछ लोग सेल्फी लेने में भी जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाथी काफी देर तक सड़क पर टहलता रहा। कभी वह जामुन के पेड़ से फल खाता, तो कभी जंगल के भीतर जाकर फिर सड़क पर लौट आता। उसकी हर गतिविधि से ऐसा लग रहा था मानो वह पूरे इलाके पर नजर रख रहा हो और किसी भी अनजान हलचल को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं था।
ग्रामीण बंधना मुंडा के अनुसार पिछले 10 से 12 दिनों से पांच जंगली हाथियों का झुंड कुल्डा जंगल में डेरा डाले हुए है। चार-पांच दिन पहले एक हथिनी ने बच्चे को जन्म दिया है। तब से तीन हाथी मां और नवजात के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर पहरा दे रहे हैं। यही सुरक्षा घेरा अब मुख्य सड़क तक फैल गया है और हाथी बार-बार सड़क पर आकर निगरानी कर रहे हैं।

