CBI ने 4 राज्यों के 45 स्थानों पर छापे मारे, सुरक्षा निरीक्षक को आया दिल का दौरा, अस्पताल में मौत

नयी दिल्ली: केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को चार राज्यों के 45 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की।

इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई ने कथित कोयला चोर अनूप मांझी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

उस पर दो महाप्रबंधकों और तीन सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से कोयले का अवैध कारोबार करने का आरोप है।

आज इसी मामले में सीबीआई ने पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) और इससे जुड़े कई अधिकारियों व अन्य लोगों के आवासों व दफ्तरों पर ताबड़तोड़ तलाशी अभियान चलाया।

छापे से जहां देश के चार राज्यों में हडक़ंप मचा हुआ है, वहीं पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में कुनुस्तोरिया क्षेत्र में सरकारी फर्म के सुरक्षा निरीक्षक धनंजय रॉय को दिल का दौरा पड़ गया और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

पश्चिम बंगाल में कोलकाता समेत 30 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं। छापे अनूप माँझी और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे गए हैं।

माँझी के संपर्क राज्य की टीएमसी सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों से बताया जाता है।

जिन परिसरों में छापे मारे गए, उनमें आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, बर्दवान, बिशनपुर और दक्षिण 24 परगना स्थित माँझी के सहयोगियों के घर व दफ्तर शामिल हैं।

सीबीआई प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया कि शुक्रवार को सीबीआई ने अनूप मांझी और ईसीएल के महाप्रबंधकों (पहले कुनुसटोरिया और अब पांडवेश्वर क्षेत्र के) अमित कुमार धर, काजोर क्षेत्र के जयेश चंद्र राय, ईसीएल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी तन्मय दास, क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक (कुनुस्तोरिया) धनंजय राय तथा एसएसआई एवं सुरक्षा प्रभारी (काजोर क्षेत्र) देबाशीष मुखर्जी के विरुद्ध मामला दर्ज किया था।

आरोप है कि मांझी उर्फ लाला कुनुसटोरिया और कोजरा इलाकों में लीज होल्ड खदानों से कोयले के अवैध खनन एवं उसकी चोरी के धंधे में कथित रूप से लिप्त थे।

सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि ईसीएल, सीआईएसएफ और रेलवे के अधिकारियों की मिलीभगत से ईसीएल के लीजहोल्ड क्षेत्र में कोयले का अवैध खनन एवं उसकी चोरी की जा रही है।

इससे पहले मई 2020 में ईसीएल के टास्क फोर्स के सतर्कता विभाग और उसके कार्यबल को भी बड़ी उत्खनन मशीनों की मदद से अवैध खनन और कोयले की ढुलाई किये जाने का पता चला था।

उन्होंने बताया कि 7 अगस्त, 2020 को विभागीय छापे ने पांडवेश्वर क्षेत्र के रेलवे साइडिंग से 9 मीट्रिक टन से अधिक की चोरी का कोयला बरामद किया गया था।

इसके अगले रोज 8 अगस्त को विभाग ने जानकारी दी थी कि उसके द्वारा मारे गए छापे और कार्रवाई में मुख्य भूमिका क्षेत्र सुरक्षा अधिकारी की है।

एरिया सिक्योरिटी इंचार्ज, एरिया अथॉरिटीज ऑफ द सिक्योरिटी, चीफ ऑफ सिक्योरिटी ईसीएल और एरिया जनरल मैनेजर्स के तहत यह कार्रवाई की जाती है।

इन तथ्यों के आधार पर सीबीआई को लगा कि ईसीएल लीज होल्ड क्षेत्र में अवैध कोयला खनन एक संगठित तरीके से किया जा रहा है और रेलवे से कोयला चोरी हो रहा है।

सीबीआई का आरोप है कि ईसीएल और सीआईएसएफ के आरोपी अधिकारियों व सुरक्षा अधिकारियों ने रेलवे के अधिकारियों के साथ मिलकर अनूप माझाी उर्फ ​​लाला के अपराध में साथ दे रहे हैं।

अनूप मांझी अवैध खनन से उत्पन्न होने वाले क्षेत्र के अधिकांश कोयला पायलटों का किंगपिन है।

शुक्रवार की शाम भी पता चला कि कुकुस्तोरिया क्षेत्र के तपोसी गांव के पीछे ईसीएल के पट्टे वाले क्षेत्र में और कजोरा क्षेत्र के अंतर्गत लच्छीपुर गांव में कोयला माफिया द्वारा ईसीएल और सीआईएसएफ के अधिकारियों के सक्रिय सहयोग से अवैध खनन जारी है।

उसी आधार पर शनिवार की सुबह यह छापेमार कार्रवाई की गई।

मुख्य रूप से सीबीआई की छापेमारी पश्चिम बंगाल में हुई है। यहां उसे ‘भरोसेमंद सूत्रों’ से कोयला चोरी व तस्करी में लिप्त आरोपितों के बारे में सूचना मिली थी।

उसी कड़ी में आज रानीगंज, दुर्गापुर, कोलकाता, दक्षिण 24 परगना में 30 जगहों पर सीबीआई की 22 टीमों ने छापा मारा।

शनिवार को ही पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में कुनुस्तोरिया क्षेत्र में सरकारी फर्म के सुरक्षा निरीक्षक धनंजय रॉय के आवास पर भी सीबीआई ने छापा मारा। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई।

उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इंस्पेक्टर राय की मौत हो गई। इसके अलावा झारखंड के धनबाद जिला के निरसा स्थित ठीकानों पर भी छापेमारी की गयी है।

इस दौरान तमाम दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूरे मामले में बंगाल पुलिस की भी संलिप्तता बताई जा रही है। सीबीआई की जांच-पड़तला जारी है।

राजनीतिक दलों से मिलती है ‘लाला’ को फंडिंग:

अनूप माँझी को ‘लाला’ नाम से भी जाना जाता है। वह बंगाल-झारखंड सीमा पर कोयला खदानों के आस-पास रैकेट चलता है।

जांच एजेंसियों के अनुसार अनूप मांझी को अवैध कोयला साम्राज्य से जोडऩे वाले दस्तावेजों की खोज की है, जिसकी कीमत करीब 20,000 करोड़ रुपये है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ‘लाला’ को राजनीतिक दलों से भी फंडिंग मिलती है। इस महीने की शुरुआत में उसे दो नोटिस जारी की गई थी।

ममता बनर्जी ने सीबीआई द्वारा पश्चिम बंगाल में की गई इस कार्रवाई से नाराजग़ी जताते हुए सवाल खड़े किए थे।

जबकि इसमें माँझी और पशु तस्करी के रैकेट शामिल हैं, जिसके सरगना एनेमुल हक और उसका सहयोग करने वाले बीएसएफ के एक अधिकारी को 6 नवम्बर को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।

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