
Chandil Elephant Attack : झारखंड के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले एक महीने से 15 से 20 हाथियों का झुंड करीब 50 गांवों में दहशत का माहौल पैदा किए हुए है।
दिन के समय ये हाथी चांडिल डैम में जलक्रीड़ा करते नजर आते हैं, लेकिन शाम ढलते ही रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर तबाही मचाने लगते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों ने अब तक कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचाया है, वहीं खेतों में लगी धान और सब्जियों की फसल भी बर्बाद हो चुकी है।
प्रभावित गांवों में कुसपुतुल, काशीडीह, अंडा, रामनगर और नीमडीह समेत आसपास के कई टोले शामिल हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीण अब रातभर जागकर मशाल और ढोल-नगाड़ों के सहारे हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिन में डैम में हाथियों का दिखना भले ही आकर्षण का केंद्र बन रहा हो, लेकिन वन विभाग ने इसे खतरे का संकेत बताया है। अधिकारियों ने लोगों को हाथियों के पास न जाने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की चेतावनी दी है।
वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है और उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन झुंड बार-बार गांवों की ओर लौट आ रहा है।
प्रशासन ने ग्रामीणों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं—रात में अकेले बाहर न निकलें, हाथियों के करीब जाने से बचें और घरों में महुआ या अधिक अनाज न रखें, जिससे हाथी आकर्षित हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने सरकार से जल्द मुआवजा देने और स्थायी समाधान जैसे सोलर फेंसिंग लगाने की मांग की है, ताकि इस समस्या से राहत मिल सके।

