कांग्रेस ने कहा- इतिहास में पहली बार झारखंड पुलिस आमजनों का दिल जीतने में सफल रही

रांची: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता ने शनिवार को आईपीएस एमवी राव से मुलाकात की।

साथ ही उन्हें पुलिस महानिदेशक के रूप में 11 महीने दौरान किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि इस 11 महीने के कार्यकाल में झारखंड पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया और पूरे देश-दुनिया में इसकी सराहना हुई।

इस तरह से कोरोना संक्रमणकाल में सभी पुलिस थानों में दाल-भात केंद्र की व्यवस्था की जरुरतमंद और गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया गया। वह हमेशा याद रखा जाएगा और इसका श्रेण डीजीपी एमवी राव को जाता है।

लोग हमेशा यह याद रखेंगे कि जब लोग थाने में जाने के नाम से डरते थे, उस वक्त थाना परिसर में लाखों जरुरतमंद और गरीबों को भोजना उपलब्ध कराया गया।

20 वर्षों के अलग झारखंड राज्य के इतिहास में पहली बार झारखंड पुलिस आमजनों का दिल जीतने में सफल रही। प्रवक्ताओं ने कहा कि हर समाज में आपराधिक घटनाएं होती है, लेकिन जिस तरह से एमवी राव ने अपने 11 महीने के कार्यकाल में विधि व्यवस्था बनाये रखने एवं आपराधिक तथा नक्सली घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर कदम उठाया, वह सराहनीय व प्रशंसनीय है।

11 महीने के कार्यकाल में जिस तरह से एमवी राव के नेतृत्व में राज्य में कानून व्यवस्था को रखने के लिए कठोर कदम उठाये गये।

उससे पिछले पांच वर्षां में मनमानी में जुटे कुछ लोग बौखला गये और साजिश के तहत एक ऐसा नैरेटिव सेट करने का प्रयास किया गया कि प्रभारी डीजीपी एमवी राव के कार्यकाल में राज्य में नक्सली व आपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है। जबकि हकीकत कुछ और थी।

यदि पिछले पांच वर्षों और एमवी राव के 11 महीने के कार्यकाल की तुलना की जाए, तो यह साफ हो जाता है कि इस दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है।

हर क्षेत्र में पुलिस ने अच्छा काम किया, चाहे वह अवैध मादक द्रव्यों की तस्करी का मामला हो, नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन और हथियार की बरामदगी, लैंड माइंस बरामद करने तथा नक्सलियों-अपराधियों की गिरफ्तारी की बात हो, सभी क्षेत्र में अच्छे काम हुए।

इस दौरान न तो मॉब लिचिंग की घटनाएं हुई और न ही कहीं सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई।

एमवी राव जैसे उत्कृष्ट, ईमानदार और कर्त्तव्यनिष्ठ से यह आग्रह है कि वे वीआरएस लेने का विचार त्याग कर अपने शेष कार्यकाल को पूरा करें।

Back to top button