बांग्लादेश में अदालत ने 20 छात्रों को सुनाई फांसी की सजा

छात्र बांग्लादेश के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) में पढ़ाई करता था

ढाका: बांग्लादेश की एक अदालत ने छात्रावास में एक छात्र को पीट-पीटकर मार डालने के मामले में दोषी ठहराते हुए बुधवार को 20 छात्रों को मौत की सजा सुनाई।

इन छात्रों ने उक्त युवक की हत्या दो साल पहले सरकार की भारत के साथ साझा नदियों के जल बंटवारे के मुद्दे पर आलोचना करने वाली फेसबुक पोस्ट को लेकर कर दी थी। छात्र बांग्लादेश के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) में पढ़ाई करता था।

ढाका के फॉस्ट ट्रैक कोर्ट के जज अबू जफर मोहम्मद कमरुज्जमां ने छात्र की हत्या के 20 दोषियों को फांसी की सजा सुनायी जबकि पांच अन्य छात्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

फैसले में कहा गया है कि मामले की क्रूरता ने अदालत को भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए दोषियों को मृत्युदंड देने के लिए मजबूर किया।

अदालत ने कुल 25 आरोपितों में से किसी को भी निर्दोष नहीं पाया। हालांकि, इनमें से तीन पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया गया क्योंकि वे 21 वर्षीय अबरार फहाद की हत्या के बाद छह अक्टूबर 2019 से फरार थे।

सभी दोषी छात्र सत्तारूढ़ अवामी लीग के छात्र मोर्चा बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) से जुड़े थे।

हालांकि, बीसीएल ने इन छात्रों को संगठन से निष्कासित कर दिया था जबकि बीयूईटी अधिकारियों ने घटना के तुरंत बाद इन्हें बर्खास्त कर दिया था।

भारत के साथ साझा नदियों के जल बंटवारे के मुद्दे पर सत्तारूढ़ अवामी लीग की आलोचना करने के बाद फहाद की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

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