दुमका और गिरिडीह में बनेंगे आधुनिक चिड़ियाघर, 200 वन्यजीवों को मिलेगा प्राकृतिक आवास

दुमका और गिरिडीह में बन रहे नए चिड़ियाघरों में 200 वन्यजीवों को प्राकृतिक आवास मिलेगा, दलमा-सारंडा में अनुकूलन के बाद स्थानांतरण, पर्यटन और संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

Neeral Prakash
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रांची : राज्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुमका और गिरिडीह में दो नए चिड़ियाघरों के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। इन प्रस्तावित चिड़ियाघरों में करीब 200 वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

वन विभाग के अनुसार, इन चिड़ियाघरों के लिए देश के विभिन्न वन प्रभागों और नेशनल पार्कों से वन्यजीव लाए जाएंगे। नए स्थान पर लाए गए जीवों को सीधे चिड़ियाघर में रखने के बजाय पहले दलमा और सारंडा के रेस्क्यू सेंटर में रखा जाएगा, जहां उन्हें स्थानीय जलवायु के अनुकूल ढलने का समय मिलेगा। उल्लेखनीय है कि सारंडा में एक नई सफारी विकसित करने की भी योजना है।

वन्यजीव विशेषज्ञ शादाब हाशमी के अनुसार, बाघ और चीता जैसे वन्यजीव नए वातावरण में आसानी से सामंजस्य नहीं बैठा पाते हैं। यदि उन्हें अनुकूल माहौल नहीं मिले, तो उनकी मृत्यु का खतरा भी बढ़ जाता है। कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों की मौत के बाद केंद्रीय वन्यजीव संस्थान ने ट्रांसपोर्ट और पुनर्वास से जुड़े मानकों को और कड़ा कर दिया है।

इन चिड़ियाघरों में वन्यजीवों के स्थानांतरण के बाद उनकी चिकित्सा सुविधा भी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सरकार ने वन्यजीव संस्थान से पशु चिकित्सालय स्थापित करने हेतु तकनीकी सहयोग मांगा है।

वन विभाग दुमका और गिरिडीह में लगभग सात बाघ रखने की योजना बना रहा है। इसके अलावा रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से चीतों को लाने के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बातचीत चल रही है।

विशेषज्ञों ने निर्देश दिया है कि चिड़ियाघरों में वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक आवास तैयार किए जाएं। हाल ही में केंद्रीय वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया और वहां साल के पेड़ लगाने तथा बड़े चट्टानों को संरक्षित करने की सलाह दी, ताकि वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक परिवेश जैसा अनुभव मिल सके।

 

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।