
धनबाद : अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ ईडी ने मंगलवार तड़के धनबाद में बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईडी की टीमों ने 25 से अधिक संदिग्ध कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से पूरे कोयलांचल के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई। कुछ जगहों पर ईडी की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा और माहौल तनावपूर्ण भी हो गया।
जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कोयला कारोबारी एल.बी. सिंह और अनिल गोयल से जुड़े नेटवर्क की जांच के सिलसिले में की जा रही है। जिन लोगों के ठिकानों पर ईडी पहुंची, उनमें माधव सिंह, गणेश यादव, शेखर यादव, पप्पू मंडल, हरेंद्र चौहान, आलोक समेत कई अन्य कारोबारी शामिल हैं। ईडी की अलग-अलग टीमें भारी सुरक्षा बल के साथ एक साथ विभिन्न स्थानों पर पहुंचीं और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार ईडी की एक टीम एल.बी. सिंह के साले रणजीत सिंह के घर भी पहुंची। बताया जा रहा है कि शुरुआत में घर का मुख्य दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद अधिकारियों ने सीढ़ी की मदद से अंदर प्रवेश किया। इससे पहले भी एल.बी. सिंह के आवास पर हुई कार्रवाई के दौरान दरवाजा बंद किए जाने की चर्चा सामने आ चुकी है। ईडी की कार्रवाई की जद में धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर अरुण चौहान के भाई और झामुमो धनबाद महानगर के उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान का आवास भी शामिल रहा। लोयाबाद के कनकनी स्थित उनके घर पर मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पश्चिम बंगाल और रांची नंबर की गाड़ियों से ईडी की टीम पहुंची।
छापेमारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक मौके पर जमा हो गए। महिलाओं ने अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताते हुए घर के भीतर जाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए ईडी अधिकारियों ने कुछ महिलाओं को अंदर जाने की अनुमति दी। वहीं, कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने साथ कई बैग लेकर घर में दाखिल हुए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि किसी को फंसाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल सभी चिन्हित ठिकानों पर तलाशी, दस्तावेजों की जांच और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। माना जा रहा है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सामने आएगी।

