मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, जैक अध्यक्ष, पारा शिक्षकों के मामलों को लेकर देर रात हुई गहन चर्चा

नए जैक अध्यक्ष की नियुक्ति अगले तीन साल के लिए होगी

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के बीच देर रात गहन चर्चा हुई।

शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अध्यक्ष की नियुक्ति पर उनके साथ चर्चा की। बताया जा रहा है कि दोनों लोगों के बीच चर्चा के बाद नाम लगभग तय कर लिए गए हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों के नाम पर निर्णय ले लिया गया है। आज इसपर निर्णय हो सकता है, साथ ही नाम का ऐलान भी किया जा सकता है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, जैक अध्यक्ष, पारा शिक्षकों के मामलों को लेकर देर रात हुई गहन चर्चा

बता दें कि जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद 15 सितंबर से ही खाली है। जैक के पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह और उपाध्यक्ष फूल सिंह का कार्यकाल 14 सितंबर को ही पूरा हो चुका था।

नए जैक अध्यक्ष की नियुक्ति अगले तीन साल के लिए होगी। जैक अध्यक्ष के नहीं रहने की वजह से जैक के अधिकारियों व कर्मचारियों को वेतन भुगतान में दिक्कत हो रही थी।

इसके लिए पिछले दिनों ही जैक के सचिव को वेतन निकासी व भुगतान का अधिकार दिया गया है। वहीं, इंटर कॉलेजों में सीट बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री ने स्वीकृति दी है।

जैक अध्यक्ष के बिना मैट्रिक, इंटर के पहले टर्म की परीक्षा से लेकर आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षा की तैयारी शुरू नहीं हो पा रही है।

मैट्रिक व इंटरमीडिएट के पहले टर्म की परीक्षा एक से 15 दिसंबर के पूर्व होनी थी, लेकिन अब इस माह में भी होने की संभावना कम नजर आ रही है। नए जैक अध्यक्ष आने या जैक सचिव को अधिकार मिलने के बाद ही इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

बताया जा रहा है कि पारा शिक्षकों की मांगों को लेकर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

इधर शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर 29 दिसंबर को होनेवाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पारा शिक्षकों की नियमावली लागू करने की घोषणा करेंगे। वहीं पारा शिक्षकों ने भी घोषणा नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है।

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