
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। रांची के मोरहाबादी मैदान में झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 को संबोधित करते हुए सीएम ने आंदोलन कर रहे छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को सरकार गंभीरता से देख रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलेगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के छात्र अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार उनकी बात सुन रही है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से भरोसा बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार उनके अधिकारों और भविष्य को लेकर संवेदनशील है।
सीएम बोले- ‘हम लोगों ने चोरी पकड़ ली है’
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों का जिक्र करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, “हम लोगों ने चोरी पकड़ ली है।”
उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलेगा और मामले में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने कहा कि राज्य के युवाओं का भविष्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
छात्रों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार सिर्फ किसी एक वर्ग की चिंता नहीं करती, बल्कि राज्य के सभी लोगों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र जिन मांगों और अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, सरकार उन पर गंभीरता से विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखने का पूरा अधिकार है। सरकार उनकी समस्याओं को समझने और उनका समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
बोले- आंदोलन को राजनीतिक रंग न दिया जाए
छात्र आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
हेमंत सोरेन ने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए छात्रों को भ्रमित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी राजनीतिक दल के संरक्षण की जरूरत नहीं है। वे खुद अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देशभर में राजनीतिक दल युवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहें।
पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छात्र संगठनों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और लंबित मामलों के जल्द समाधान की मांग भी उठाई जा रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का यह बयान आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए सरकार की ओर से भरोसे का संदेश माना जा रहा है।
हालांकि, अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सरकार की ओर से आगे क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
मोरहाबादी में दिखी झारखंड की जनजातीय संस्कृति
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्य की अलग-अलग जनजातीय समुदायों की कला, संस्कृति, परंपरा, संगीत और नृत्य को प्रदर्शित किया जा रहा है।
महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। मैदान में लगाए गए स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए झारखंड की समृद्ध जनजातीय विरासत को लोगों के सामने रखा जा रहा है।
छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री का संदेश अब इसलिए भी अहम है, क्योंकि अभ्यर्थी सरकार से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जांच और कार्रवाई के स्तर पर ठोस नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं।

