CM हेमंत सोरेन की समीक्षा बैठक में लंबित योजनाओं पर फोकस, मंत्री चमरा लिंडा बोले- छात्रवृत्ति नहीं रुकेगी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि ओबीसी सहित किसी भी छात्र की छात्रवृत्ति नहीं रुकेगी।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Hemant Soren Reviews Welfare Department Schemes : झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, छात्रवृत्ति, छात्रावास, स्कूल और अस्पतालों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के बाद मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

ओबीसी छात्रवृत्ति पर विशेष चर्चा

मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि बैठक में ओबीसी छात्रवृत्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से अपेक्षा से कम राशि मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने ओबीसी छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र की छात्रवृत्ति नहीं रुकेगी और पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

हर छह महीने में हो समीक्षा बैठक

मंत्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए हर छह महीने में समीक्षा बैठक आयोजित की जानी चाहिए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभुकों तक पहुंचे और विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।