झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण तेज, रांची सदर अस्पताल बनेगा टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी का राज्य स्तरीय हब

झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, रांची सदर अस्पताल बनेगा टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी का राज्य स्तरीय हब, दूरदराज के मरीजों को मिलेगा विशेषज्ञ परामर्श।

Razi Ahmad
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jharkhand Health Department : झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आम लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने रांची सदर अस्पताल को टेली एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) और ई-संजीवनी सेवाओं के लिए राज्य स्तरीय हब सेंटर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रांची के सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब की स्थापना से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि परियोजना को जल्द से जल्द लागू किया जा सके।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रांची सदर अस्पताल में पहले से संचालित टेली रेडियोलॉजी और टेली आईसीयू सेवाओं के सफल संचालन को देखते हुए अब नवजात शिशुओं की गहन चिकित्सा सेवाओं और ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श को भी डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

टेली एसएनसीयू हब के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों को रांची से जोड़ा जाएगा। इससे विशेषज्ञ चिकित्सक दूरस्थ क्षेत्रों में भर्ती गंभीर नवजात शिशुओं की स्थिति पर ऑनलाइन निगरानी रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सलाह उपलब्ध करा सकेंगे। इससे शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं ई-संजीवनी हब के शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होगी और बड़े शहरों तक यात्रा करने की आवश्यकता भी कम होगी।

राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, मेडिकल शिक्षा के विकास, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और रिम्स-2 जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब की स्थापना से झारखंड में टेलीमेडिसिन सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सकेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के नागरिकों को जिला और प्रखंड स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। ऐसे में रांची सदर अस्पताल को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्रीय हब के रूप में विकसित किया जाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।