झारखंड

शादी समारोह में वज्रपात से 8 घायल, अस्पताल में भर्ती

खूंटी के तपकारा थाना क्षेत्र के लतौली गांव में बुधवार को एक शादी समारोह (Wedding Ceremony) के दौरान वज्रपात हो जाने से समारोह में शामिल सात लोग घायल हो गये।

Seven People Attending the Function Injured due to Lightning: खूंटी के तपकारा थाना क्षेत्र के लतौली गांव में बुधवार को एक शादी समारोह (Wedding Ceremony) के दौरान वज्रपात हो जाने से समारोह में शामिल सात लोग घायल हो गये।

सभी घायलों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल तोरपा में भर्ती कराया गया। है। सभी घायल खतरे सें बाहर बताये जाते हैं।

जानकारी के अनुसार लतौती गांव में जॉन टोपनो के बेटे मतियस टोपनों की शादी थी। शादी के बाद बुधवार शाम को चुमावन का कार्यक्रम चल रहा था।

उसी दौरान शाम लगभग साढ़े छह बजे बिना बारिश (Rain) के ही बादल गरजने लगे और वज्रपात हो गया।

इसकी चपेट में आने से अभिषेक बोदरा नौ वर्ष, सुप्रीम तोपनो (10) ,रोशनी होरो (26) , पास्कल बोदरा (42) , धनु गुड़िया (40) (सभी लतौली गांव निवासी), मतियस सांडी पूर्ति दीगी (50), पौलुस चंपी (6) ,सिदु,गांव निवासी, बेरोनिका धान (35), सिधु करंजटोली निवासी गंभीर रूप से घायल हो गये।

घटना की सूचना मिलते ही रेफरल अस्पताल का एंबुलेंस को लतौली गांव भेजा गया। वहां से लाकर सभी घायलाें को तोरपा के Referral Hospital में भर्ती कराया गया। घायलों का इलाज कर रहे डॉ सुधीर सिंह ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।

वज्रपात से घायल लोगों को गोबर में न डालें: डॉ सुधीर

Referral Hospital के बरीय चिकित्सक डॉ सुधीर सिंह ने कहा कि यदि ठनका लगने से कोई व्यक्ति या बच्चा घाायल हो जाए, तो उसे किसी भी हाल में गोबर से न ढंकें।

उन्होंने कहा कि गांवों में अभी भी यह अंधविश्वास कायम है कि टनका लगने से घायल होने पर उसे गोबर के गड्ढे में कभी न डालें।

इससे इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। डॉ सिंह ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो घायल व्यक्ति पर लगातार ठंडा पानी डालते रहें और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।

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