झारखंड में नक्सलियों के बंद का रहा मिला-जुला असर

News Aroma Media
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रांची: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी द्वारा मंगलवार को बंद का मिलाजुला असर झारखंड में देखने को मिला।

लोहरदगा जिले में जहां बॉक्साइट ट्रक और लंबी दूरी की यात्री बसें नहीं चली, वहीं गुमला में भी बॉक्साइट का कारोबार ठप रहा। नक्सलियों के डर के कारण जारी प्रखंड स्थित बैंक ऑफ इंडिया नहीं खुले।

लोहरदगा जिले में बंद का आंशिक असर रहा। नक्सलियों के झारखंड बंद के कारण बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन ठप रहा। वहीं, लंबी दूरी की यात्री बसों का परिचालन भी कम रहा।

हालांकि, रांची-लोहरदगा यात्री पैसेंजर ट्रेन निर्धारित समय के अनुसार स्टेशन पहुंची। वहीं, सरकारी कार्यालयों में बंद का कोई असर नहीं देखा गया। बैंक, स्कूल, पोस्टऑफिस सहित अन्य सरकारी कार्यालय आमदिनों की तरह खुले रहे।

दुकानें भी बंद रही

बंद का असर बाजार में भी देखने को नहीं मिला। सामान्य दिनों की तरह दुकान खुले रहे। त्योहार को लेकर लोगों का आवागमन जारी रहा।

कपड़े सहित अन्य दुकानों में खरीदार आम दिनों की तरह पहुंचे और खरीदारी की। बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा चौक-चौराहों में चौकसी बढ़ा दी थी

बंद का गुमला जिला अंतर्गत डुमरी, जारी, चैनपुर, रायडीह, बिशुनपुर और घाघरा में व्यापक असर रहा। इस क्षेत्र में नक्सलियों का खौफ देखा गया। नक्सली डर से इन क्षेत्रों में बसें नहीं चली।

दुकानें भी बंद रही। जारी प्रखंड में तो सरकारी कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी गिने-चुने पहुंचे। जारी में बैंक भी बंद रहा। घाघरा और बिशुनपुर में बॉक्साइट का कारोबार ठप रहा। इससे करोड़ों रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।

बस ऑनर एसोसिएशन के सचिव शिव सोनी ने बताया कि 200 बसों में मात्र 25 बस चली। बस सिर्फ गुमला से सिसई, भरनो व बेड़ो होते हुए रांची रूट में चली है।

अन्य क्षेत्रों में बस नहीं चली। बस नहीं चलने से लाखों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।

डुमरी प्रखंड में भी बंद असरदार रहा। बंद के दौरान चौक चौराहा, पेट्रोल पंप में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं होटल, गुमटी, किराना इलेक्ट्रॉनिक दुकान बंद रही. बैंक, मुख्यालय खुले रहे।

लेकिन, ग्रामीणों की संख्या नगण्य रही। सड़कों पर सन्नाटा छाया रह। इक्के-दुक्के दो चार पहिया वाहनों का परिचालन हुआ। लोग अपने अपने घरों में दुबके रहे।

उल्लेखनीय है कि भाकपा माओवादी केंद्रीय कमेटी और पूर्वी रीजनल ब्यूरो के सदस्य अरुण कुमार भट्टाचार्य उर्फ कबीर उर्फ कंचन दा की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों ने झारखंड सहित बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में बंद का ऐलान किया था।

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