झारखंड के लिए गौरव का क्षण: दिशोम गुरु को कल मिलेगा पद्म भूषण सम्मान, दिल्ली रवाना हुई कल्पना सोरेन व रूपी सोरेन

झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलेगा, पत्नी रूपी सोरेन और बहू कल्पना सोरेन राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से सम्मान ग्रहण करेंगी नई दिल्ली

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रांची : झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शुमार और राज्य गठन की लड़ाई के अग्रणी चेहरों में रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को 23 जून को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले अलंकरण समारोह में उनकी पत्नी रूपी सोरेन और बहू कल्पना सोरेन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों यह सम्मान ग्रहण करेंगी। सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए रूपी सोरेन और कल्पना सोरेन दिल्ली रवाना हो चुकी हैं।

पद्म भूषण देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। ऐसे में यह सम्मान न सिर्फ दिशोम गुरु के परिवार और झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का अवसर माना जा रहा है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन को यह सम्मान लोक कल्याण, आदिवासी समाज के उत्थान और उनके आजीवन संघर्ष को ध्यान में रखते हुए मरणोपरांत प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में आदिवासी समुदाय के अधिकारों और सम्मान के लिए लगातार आवाज उठाई।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा

केंद्र सरकार ने इसी वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है। इस संबंध में झारखंड विधानसभा से बाकायदा एक प्रस्ताव भी पारित किया गया था। झारखंड के सबसे प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में गिने जाने वाले शिबू सोरेन की पहचान केवल राजनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधारक के रूप में भी रही है। उन्होंने महाजनी प्रथा के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया और आदिवासी समाज को संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोगों के बीच ‘गुरुजी’ के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन ने आदिवासियों को जागरूक करने के लिए ‘धान कटनी आंदोलन’ चलाया। इसके साथ ही उन्होंने नशा-मुक्ति अभियान के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।