
4014 शिकायतें हैं पेडिंग, अब आयोग है डिफंक्ट तो शिकायतें आनी भी कम हो गयी
दयानंद राय
रांची : झारखंड में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई बंद है। बंद इसलिए है कि बीते पांच साल से झारखंड राज्य महिला आयोग में न तो अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है और न सदस्यों की। 7 जून 2020 से ही आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं। इसका खामियाजा राज्य की महिलाएं भुगत रही है। अध्यक्ष और सदस्यों के अभाव में उनसे संबंधित समस्याओं और शिकायतों पर सुनवाई ही नहीं हो पा रही हैं। नतीजा ये हुआ है कि अब आयोग में शिकायतें भी कम आ रही हैं।
सूत्रों ने बताया की आयोग में कल्याणी शरण के बाद से अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। 31 जनवरी 2026 तक राज्य में 4014 केस पेंडिंग हैं। चूंकि आयोग में सुनवाई ही नहीं हो रही इसलिए अब शिकायतें भी कम आने लगी हैं। अब ई मेल के जरिये इक्का-दुक्का शिकायतें आती हैं। अध्यक्ष और सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण घरेलू हिंसा, मानव तस्करी और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों से जुड़ी शिकायतें न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं। मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से भी राज्य में महिला आयोग का गठन नहीं होने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है, क्योंकि इसके अभाव में महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

