रांची : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों की आपत्तियों और विरोध का नियमानुसार समाधान किया जा रहा है। मंगलवार को सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन और एक यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित मतदाता साक्षरता कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही।

के. रवि कुमार ने बताया कि यह एक पूरी तरह से विधिक प्रक्रिया है, जिसमें राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। विधानसभा स्तर पर बीएलए-1 और प्रत्येक बूथ पर दलों के बीएलए-2 सक्रिय हैं तथा उनके सुझावों को ध्यान में रखकर ही आगे का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि विरोध की आड़ में किसी भी तरह की हिंसा या पथराव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुदूर और जनजातीय क्षेत्रों के मतदाताओं को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव आयोग की मशीनरी हर पात्र नागरिक के घर तक पहुंचेगी। मतदाता सूची में विसंगतियों और नो-मैपिंग के मामलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग के निर्धारित 12 मान्य दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज प्रस्तुत करके नाम दर्ज कराया जा सकता है। यदि किसी के पास दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी उनकी पूरी मदद करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि तयशुदा शेड्यूल के तहत आगामी 30 नवंबर तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।


