
अघोषित कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बच्चों-बुजुर्गों-मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
महुआडांड़ (लातेहार) : महुआडांड़ प्रखंड में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। बीते एक पखवाड़े से पूरे प्रखंड में 24 घंटे में महज 6 से 8 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। रोजाना 16 से 18 घंटे की बिजली की अघोषित कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से प्रखंडवासी बेहाल हैं। दिन हो या रात, अनियमित आपूर्ति से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। घरों में पंखे-कूलर बंद हैं। जलापूर्ति के लिए लगाई गई पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे पीने के पानी का संकट भी गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली कटौती से सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और घर में इलाजरत मरीजों को हो रही है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रात में नियमित रूप से बिजली न रहने से लोग गर्मी और मच्छरों के बीच जागने को मजबूर हैं।
नींद पूरी न होने से लोगों का स्वास्थ्य और दिनचर्या दोनों प्रभावित हो रही है। बिजली गुल रहने से छोटे दुकानदार, आटा चक्की, वेल्डिंग और साइबर कैफे संचालकों का काम ठप है। मोबाइल चार्ज करने तक के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बीते कई दिनों से बिजली व्यवस्था बदहाल है। बार-बार शिकायत के बावजूद ‘मेंटेनेंस’ और ‘तकनीकी खराबी’ का हवाला दिया जा रहा है। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि महुआडांड़ में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही कटौती का पूर्व शेड्यूल जारी किया जाए ताकि लोग अपनी व्यवस्था पहले से कर सकें। महुआडांड़ की जनता अब हर दिन बिजली का इंतजार करते-करते थक चुकी है।मामले में महुआडांड़ बिजली विभाग के कर्मियों ने बताया की लोकल फॉल्ट की वजह से बिजली गुल है। विभाग के लोग फॉल्ट बनाने में लगे हुए है। फोल्ट ठीक कर बिजली जल्द बहाल कर दी जाएगी।

