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पहली बार ऐसा लग रहा है कि हारी हुई सरकार विराजमान है, अखिलेश यादव ने…

उन्होंने उत्तर प्रदेश (UP) के अयोध्या (Ayodhya) का नाम लिए बगैर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'लूट' के आरोप लगाए हैं।

Akhilesh Yadav in Lok Sabha : मंगलवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बहस में भाग लेते हुए सत्तारूढ़ NDA सरकार पर जमकर आलोचना के तीर चलाए।

लोकसभा (Lok Sabha) में कार्यवाही के दौरान इसे ‘गिरने वाली सरकार’ करार दे दिया।

इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश (UP) के अयोध्या (Ayodhya) का नाम लिए बगैर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘लूट’ के आरोप लगाए हैं।

उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे हैं।

यादव ने कहा, ‘दरबार तो लगा है मगर बड़ा गमगीन बेनूर है। पहली बार ऐसा लग रहा है कि हारी हुई सरकार विराजमान है।

जनता कह रही है कि चलने वाली नहीं है सरकार। ये गिरने वाली सरकार है। ऊपर से जुड़ा तार नहीं, नीचे आधार नहीं, अधर में अटकी हुई कोई सरकार नहीं।

पूरा इंडिया समझ गया है कि ‘इंडिया’ ही प्रो इंडिया है। इस चुनाव में इंडिया की नैतिक जीत हुई है।’

अयोध्या का किया जिक्र

कन्नौज सांसद ने नाम लिए बगैर अयोध्या का जिक्र किया। कहा, ‘जहां विकास के नाम पर खरबों रुपये की लूट का राज खोलते गड्ढे प्रदेश का नाम खराब कर रहे हैं, वहीं, पहली बारिश में ही टपकती हुई छत और गिर चुके स्टेशन की दीवार बेइमानी की निशानी बन गई है।’

अयोध्या में BJP की हार की चर्चा

यादव ने UP की फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर जीत को लेकर भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘अयोध्या की जीत भारत के परिपक्व मतदाता के लोकतांत्रिक समझ की जीत है।

हम तो यही सुनते आए हैं, होइहे वही जो राम रचि राखा। ये है उसका फैसला, जिसकी लाठी में नहीं होती आवाज। जो करते थे किसी को लाने का दावा, वो खुद हैं किसी के सहारे के लाचार। मैं फिर कहना चाहता हूं कि होइहे वही, जो राम रची राखा।’

उन्होंने कहा, ‘हम अयोध्या से लाए हैं उनके प्रेम का पैगाम, जो सच्चे मन से करते हैं सबका कल्याण। सदियों में जन जन गाता है जिनके गान, अभयदान देती जिनकी मंद मंद मुस्कान।

मानवता के लिए उठता जिनका तीर कमान, जो असत्य पर सत्य की जीत का है नाम। उफनती नदी पर जो बांधे मर्यादा के बांध, वो हैं अवध के राजा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम।’

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