पुणे पोर्श कांड में नाबालिग को निबंध लिखने पर मिली जमानत पर उठा सवाल, इसके आगे…

News Aroma
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Pune Porsche Incident : पुणे में 19 मई को हुए सड़क हादसे (Road Accident) में दो लोगों की जान चली गई थी।

उसके बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (Juvenile Justice Board) ने आरोपी को निबंध (Essay) लिखने जैसी शर्तों पर चंद घंटे में जमानत (Bail) दे दी थी।

इस कांड नाबालिग आरोपी को जमानत देने वाले बोर्ड पर भी तलवार लटकती नजर आ रही है।

खबर है कि इस मामले में जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कहा जा रहा है कि कमेटी बोर्ड के दो सदस्यों के पुराने रिकॉर्ड तक खंगालने जा रही है।

बोर्ड में एक मुख्य मजिस्ट्रेट भी शामिल

महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास आयुक्त प्रशांत नरनावरे ने कमेटी गठित की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की तरफ से बोर्ड में नियुक्त किए गए दो सदस्यों के खिलाफ जांच होगी।

इसके अलावा बोर्ड में एक मुख्य मजिस्ट्रेट भी है, जिसे न्यायपालिका ने नियुक्त किया है। तीनों सदस्यों का कार्यकाल तीन सालों का है।

आयुक्त ने बताया, ‘सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद एक कमेटी का गठन किया गया था।

कमेटी दो सदस्यों के पुराने रिकॉर्ड्स और आदेशों को भी खंगालेगी और 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट दाखिल करेगी।’

उन्होंने जानकारी दी है कि दोनों को करीब डेढ़ साल पहले नियुक्त किया गया था और रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार उनकी नियुक्ति खत्म कर सकती है।

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