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वो पल, जब CJI को फ्लाइट में ही पड़ गई इंटरनेट की आवश्यकता, सुनाया वाकया..

CJI DY चंद्रचूड़ अपने बेबाक अंदाज के साथ अपने फैसलों के लिए भी मशहूर हैं। इस बीच, CJI चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने बताया कि जब वे ब्राजील में हुई जी-20 समिट में शामिल होकर वापस भारत लौट रहे थे,

CJI Needs Flight Internet: CJI DY चंद्रचूड़ अपने बेबाक अंदाज के साथ अपने फैसलों के लिए भी मशहूर हैं। इस बीच, CJI चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने बताया कि जब वे ब्राजील में हुई जी-20 समिट में शामिल होकर वापस भारत लौट रहे थे, तब उन्होंने फैसले का मसौदा तैयार करने के लिए Internet की जरूरत हुई, तब उन्होंने Flight के Internet का इस्तेमाल किया।

इससे बाकी जज भी गदगद नजर आए। दरअसल, CJI के नेतृत्व वाली बेंच ने फैसला सुनाया जिसमें उन्होंने गुजरात हाई कोर्ट की जिला न्यायाधीशों की पदोन्नति नीति को बरकरार रखा।

रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने खुलासा किया कि उन्होंने फैसले का मसौदा तैयार करने के लिए और जस्टिस जेबी पारदीवाला (Justice JB Pardiwala) और जस्टिस मनोज मिश्रा के साथ सहयोग करने के लिए विमान के इंटरनेट की मदद ली थी।

CJI चंद्रचूड़ ने कहा, हमें आज जजमेंट सुनाना था और मैं G-20 समिट के लिए ब्राजील में था। इसके बाद मैंने विमान के इंटरनेट की मदद ली और Justice पारदीवाला ने कागजात के Drafts मुझसे शेयर किए। वहीं, जस्टिस मिश्रा भी उन्हीं सेम डॉक्युमेंट्स पर काम कर रहे थे।

गुजरात हाई कोर्ट की जिला न्यायाधीशों की पदोन्नति नीति को रखा बरकरार

इस पर जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि यह मेरे दिल के काफी करीब रहने वाला है, क्योंकि इसने ब्राजील और भारत की यात्रा की है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, एयरलाइंस इंटरनेट की प्रभावशीलता के लिए Airlines द्वारा इस फैसला का हवाला दिया जाएगा। वहीं, कोर्ट ने मामले में एक कनिष्ठ वकील द्वारा दी गई दलीलों की भी तारीफ की।

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