NEET री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग का खुलासा, बिहार में 9 फर्जी परीक्षार्थी समेत 24 लोग गिरफ्तार

NEET-UG परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, लखीसराय पुलिस ने सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया। मेडिकल छात्रों और बायोमेट्रिक कर्मचारियों समेत 24 आरोपी गिरफ्तार, जांच लगातार जारी है।

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डेस्क: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में गड़बड़ी करने वाले एक बड़े सॉल्वर गैंग का लखीसराय पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी करते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये तक की डील की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने गैंग के सरगना सहित कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पीएमसीएच, गया मेडिकल कॉलेज, एम्स रायबरेली और बीएचयू से जुड़े छात्र भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार पकड़े गए लोगों में दो इंटर्न डॉक्टर, पांच एमबीबीएस छात्र और अन्य आरोपी शामिल हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार लोगों में परीक्षा केंद्रों पर फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक सत्यापन का काम करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ केंद्रों पर असली उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोग परीक्षा दे रहे हैं। इसके बाद राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, केआरके हायर सेकेंड्री स्कूल और केंद्रीय विद्यालय में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान सभी आरोपियों को एक-एक कर गिरफ्तार कर लिया गया। लखीसराय एसपी प्रेरणा ने बताया कि आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की जांच आगे भी जारी है।

बायोमेट्रिक कंपनी का कर्मचारी बनकर परीक्षा केंद्र में पहुंचा था छात्र

जांच में सामने आया कि हाजीपुर निवासी मयंक कश्यप जो पीएमसीएच का छात्र है वो बायोमेट्रिक जांच की जिम्मेदारी संभाल रही निजी कंपनी के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर ली थी। इसके बाद वह खुद कंपनी के कर्मचारी के रूप में हसनपुर परीक्षा केंद्र में पहुंच गया। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण उसे तुरंत पकड़ लिया गया। मयंक से पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। इसी पूछताछ के आधार पर बायोमेट्रिक कंपनी के कई अन्य कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया और इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हो सका।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

अर्पित राज – सॉल्वर गैंग का सरगना, एएनएमएमसीएच गया का छात्र

मयंक कश्यप – पीएमसीएच का छात्र

पूनम कुमारी – बीएचयू नर्सिंग की छात्रा, मधुप्रिया के नाम से परीक्षा देते हुए पकड़ी गई

सौरभ झा – एम्स रायबरेली का छात्र

अमन अग्रवाल – यूपी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा, शाहदरा (दिल्ली) में इंटर्न

संजीत और उसका भाई – सॉल्वर, जिसमें संजीत एनएमसीएच नर्सिंग का छात्र है

इसके अलावा बायोमेट्रिक कंपनी के 14 कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।