नेपाल बाढ़ की खौफनाक कहानी: साड़ी को रस्सी बनाकर पहाड़ी पर चढ़े श्रद्धालु, 21 सुरक्षित लौटे

नेपाल की भीषण बाढ़ में कैलाश यात्रा पर गए श्रद्धालुओं ने साड़ियों को रस्सी बनाकर पहाड़ी पर चढ़कर जान बचाई। 21 भारत लौटे, 36 अब भी लापता हैं।

Razi Ahmad
3 Min Read
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Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कैलाश यात्रा पर गए श्रद्धालुओं के सामने जिंदगी और मौत का संकट खड़ा कर दिया। तमिलनाडु और पुदुचेरी से यात्रा पर निकले 57 श्रद्धालुओं में से 21 लोग सुरक्षित भारत लौट आए हैं, जबकि 36 अब भी लापता बताए जा रहे हैं। वापस लौटे यात्रियों ने बाढ़ के दौरान मची तबाही और जान बचाने के संघर्ष की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनाई।

कुंड्रत्तुर की सरकारी शिक्षिका 58 वर्षीय सत्य जयरामन भी सुरक्षित लौटने वालों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में दूर से धूल का गुबार दिखाई दिया था। उन्हें लगा कि यह सामान्य घटना है और कुछ लोग उसका वीडियो बनाने लगे। लेकिन कुछ ही पलों में धूल का गुबार तेज रफ्तार मलबे और पत्थरों की लहर में बदल गया।

पासपोर्ट और पैसे तक छोड़कर भागना पड़ा

सत्य जयरामन के मुताबिक, स्थिति बिगड़ते ही स्थानीय पुलिस ने लोगों को बस से बाहर निकलने के लिए कहा। जान बचाने की कोशिश में श्रद्धालुओं को पासपोर्ट, नकदी और अन्य सामान वहीं छोड़ना पड़ा।

उन्होंने बताया कि कुछ लोग पेड़ों पर चढ़ गए, जबकि उन्होंने कीचड़ के बीच से निकलकर पहाड़ी की तरफ शरण ली। पहाड़ी पर चढ़ने के दौरान महिलाओं की साड़ियों को रस्सी की तरह इस्तेमाल किया गया। बस के आसपास पलटी हुई गाड़ियां भी कुछ समय के लिए ढाल बनीं, जिससे लोगों को वहां से निकलने का मौका मिल सका।

रातभर पहाड़ी पर बने पुलिस शिविर में रहे

बाढ़ से बचने के बाद श्रद्धालुओं ने पहाड़ी पर बने पुलिस शिविर में रात गुजारी। अगले दिन सुबह उन्हें करीब तीन घंटे तक पैदल चलकर हेलीपैड तक पहुंचना पड़ा। कुछ लोग इतनी थकान में थे कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए रेंगना तक पड़ा।

इसके बाद सभी को हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया गया। वहां भारतीय दूतावास की मदद से होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई। कई यात्रियों के दस्तावेज बाढ़ में खो जाने के कारण भारत लौटने की प्रक्रिया में भी समय लगा।

ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्री भी लापता

नेपाल-चीन सीमा के पास गयिरोंग क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्रियों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है। फाउंडेशन की समन्वयक मां गम्भीरी के मुताबिक, कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए इन तीर्थयात्रियों से बाढ़ के बाद संपर्क टूट गया।

उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। फाउंडेशन के अनुसार, लापता तीर्थयात्रियों में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, नेपाल समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।