Ranchi Municipal Corporation : राजधानी रांची में गार्बेज बैग को सिंगल यूज प्लास्टिक मानते हुए नगर निगम द्वारा की गई जब्ती कार्रवाई के विरोध में डिस्पोजेबल वस्तुओं के कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। व्यापारियों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए मामले के समाधान के लिए चैंबर से हस्तक्षेप करने की मांग की।

बैठक में शामिल व्यापारियों ने कहा कि वर्ष 2022 में नगर निगम, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सूडा, झारखंड चैंबर और व्यापारिक संगठनों के बीच हुई संयुक्त बैठक में गार्बेज बैग को प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी से बाहर रखने पर सहमति बनी थी। उनका तर्क है कि कचरा संग्रहण के लिए वर्तमान में इसका कोई प्रभावी और व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए वर्षों से इसका वैध रूप से व्यापार किया जा रहा है।
व्यापारियों ने हाल ही में एक प्रतिष्ठान पर नगर निगम की ओर से की गई जब्ती और जुर्माना कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे व्यापारिक समुदाय में असमंजस और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने मांग की कि जब्त किए गए माल को वापस किया जाए और संबंधित व्यापारी पर लगाया गया जुर्माना भी रद्द किया जाए।
बैठक के दौरान व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के व्यापार का समर्थन नहीं करते और न ही उसका क्रय-विक्रय करते हैं। उन्होंने शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग जारी रखने की बात कही।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया तो वे अपने प्रतिष्ठानों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने जैसे कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि गार्बेज बैग का उपयोग केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं, बल्कि अस्पतालों और अन्य संस्थानों में भी कचरा प्रबंधन के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
बैठक में झारखंड चैंबर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह मुद्दा हजारों व्यापारियों और उनके कर्मचारियों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। चैंबर जल्द ही नगर निगम और संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत कर इस विषय का व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी उत्पाद से जुड़ी नीति में बदलाव किया गया है, तो उसकी जानकारी पहले व्यापारियों तक पहुंचनी चाहिए। बिना पूर्व सूचना के दंडात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता।
बैठक में मौजूद व्यापारिक प्रतिनिधियों और चैंबर पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और व्यापारिक हितों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ऐसी नीति बनाई जानी चाहिए, जिससे आम लोगों और व्यापारिक समुदाय दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।


