
Ranchi Municipal Corporation : राजधानी रांची को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने दो बड़े कदम उठाए हैं। एक तरफ जहां नगर निगम के स्वामित्व वाले सामुदायिक भवनों के कायाकल्प और उन्हें अतिक्रमण मुक्त करने की तैयारी पूरी कर ली गई है, वहीं दूसरी तरफ मोरहाबादी मैदान से हटाए गए वेंडर्स को स्थायी रोजगार के लिए नया ठिकाना मिल गया है।
इस संबंध में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में निगम कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंजीनियरिंग और हॉर्टिकल्चर शाखा के अधिकारियों के साथ सामुदायिक भवनों के बेहतर प्रबंधन, रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान इंजीनियरिंग शाखा द्वारा विभिन्न वार्डों में स्थित सामुदायिक भवनों की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
टीम ने बताया कि वार्ड 36 के न्यू पुंदाग एवं गिरजा टोली, वार्ड 38 के आदर्श नगर, वार्ड 44 के हिन्दू ब्रिज एवं पारस टोली, वार्ड 45 के ग्वाला टोली तथा वार्ड 53 के शतरंजजी बस्ती (पोस्ट ऑफिस रोड एवं तुपुदाना रोड) सहित अन्य निगम स्वामित्व वाले सामुदायिक भवनों का व्यापक निरीक्षण किया गया है, जहां
संरचनात्मक स्थिति, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का आकलन किया गया।
प्रस्तुतीकरण के बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन सामुदायिक भवनों में पेंटिंग पुरानी हो चुकी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर रंग-रोगन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी भवन साफ-सुथरे, आकर्षक और उपयोग के लिए बेहतर स्थिति में होने चाहिए ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने सभी सामुदायिक भवनों को पूरी तरह से कब्जा मुक्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अतिक्रमण की स्थिति हो तो उसे नियमानुसार हटाते हुए सुनिश्चित किया जाए कि भवनों का उपयोग केवल जनहित के कार्यों के लिए हो। नगर आयुक्त ने सभी लंबित सिविल वर्क्स को शीघ्र पूरा करने, भवनों की वॉटरप्रूफिंग, पेवर ब्लॉक निर्माण, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
वहीं हॉर्टिकल्चर शाखा को सभी परिसरों के आसपास आकर्षक बागवानी और हरित विकासनकरने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि वहां आने वाले नागरिकों को एक सकारात्मक और सुखद वातावरण मिल सके। नगर आयुक्त ने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है ताकि शहर के लोग सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए इनका पूरा लाभ उठा सकें।
दूसरी ओर, शहर में सुव्यवस्थित एवं स्थाई वेंडिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मोरहाबादी मैदान से हटाए गए वेंडर्स के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करते हुए उन्हें टैगोर हिल के समीप लगभग 45 डिसमिल गैरमजरूआ भूमि पर व्यवस्थित रूप से बैठाया गया है। ज्ञात हो कि इस स्थल का चयन पूर्व में महापौर एवं उप महापौर द्वारा निगम के अधिकारियों के साथ किए गए संयुक्त निरीक्षण के बाद किया गया था।
वेंडर्स की आजीविका के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम की टीम ने नए वेंडिंग स्थल पर दुकानदारों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। इसके उपरांत उन्हें व्यवस्थित तरीके से दुकानें आवंटित करने की प्रक्रिया संपन्न कराई गई, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
नगर निगम प्रशासन ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी भी वेंडर की आजीविका को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित, व्यवस्थित और स्थाई व्यावसायिक स्थल उपलब्ध कराना है। निगम का मानना है कि इस पहल से न केवल वेंडर्स को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी सुगम आवागमन, बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ शहरी वातावरण का लाभ मिलेगा। निगम प्रशासन ने प्रतिबद्धता दोहराई कि भविष्य में भी वेंडर्स के हितों और शहर के समग्र विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।

