
Sakhua Mahotsav 2026 : पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से रांची नगर निगम इस वर्ष पहली बार सखुआ महोत्सव-2026 का आयोजन करने जा रहा है।
अगस्त माह से शुरू होकर अगले कुछ महीनों तक चलने वाले इस महाअभियान के तहत पूरे निगम क्षेत्र में व्यापक स्तर पर सखुआ (साल) के पौधे लगाए जाएंगे और उनके संरक्षण की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
इस महोत्सव की रूपरेखा तैयार करने और इसे जनआंदोलन का रूप देने के लिए सोमवार को नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान वृक्षारोपण के स्थलों, पौधों के रख-रखाव, जनजागरूकता अभियानों और आम नागरिकों की सहभागिता पर विस्तार से चर्चा हुई।
महापौर ने बताया कि सखुआ वृक्ष झारखंड की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। महोत्सव की आधिकारिक शुरुआत अगस्त में ऐतिहासिक चुटिया स्थित इक्कीसो महादेव मंदिर परिसर से की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से शहर के विभिन्न वार्डों, स्कूलों, कॉलेजों, पार्कों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर सखुआ के पौधे रोपे जाएंगे।
पौधों को सिर्फ लगाने तक सीमित न रखते हुए उनके पूर्ण विकास को सुनिश्चित करने के लिए निगम हर पौधे की सुरक्षा हेतु गेबियन (ट्री गार्ड) लगाएगा। इसके अलावा पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
महापौर ने रांची के युवाओं, महिला समूहों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लें। उप महापौर नीरज कुमार ने अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व संतुलित पर्यावरण देने का संकल्प है।
उन्होंने हर नागरिक से इसे अपना नैतिक दायित्व मानकर जुड़ने का आह्वान किया। बैठक में मौजूद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस अभियान को पूर्ण समर्थन देने और वार्ड स्तर पर लोगों को जागरूक करने का संकल्प जताया।

