
NEET Paper Leak : नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सोमवार को चार बार के स्थगन के बाद शाम पांच बज कर पंद्रह मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल, प्रश्नकाल और अन्य विधायी कामकाज नहीं हो पाया।
चार बार के स्थगन के बाद शाम सवा पांच बजे बैठक शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग करते हुए हंगामा शुरु कर दिया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने कार्य मंत्रणा समिति में राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा करने पर सहमति जताई थी। ‘‘लेकिन अब इस पर आप चर्चा नहीं कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा ‘‘नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सदन में मौजूद हैं। आप वरिष्ठ सदस्य हैं। आप अपनी पार्टी के सदस्यों को समझाइये जो हंगामा कर रहे हैं। बाहर जा कर आप कहते हैं कि हमें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। लेकिन यहां आपसे हम अनुरोध कर रहे हैं फिर भी आप चर्चा में हिस्सा नहीं ले रहे।’’
खरगे ने कहा ‘‘हम सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन हम चाहते हैं कि गृह मंत्री सदन में आएं और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर बयान दें।’’
हंगामे की वजह से उपसभापति हरिवंश ने बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले उच्च सदन की बैठक इसी मुद्दे पर सुबह 11 बजे, दोपहर बारह बजे, फिर तीन बजे और फिर शाम सवा पांच बजे तक के लिए स्थगित की गई थी।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ और नीट प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण पिछले सप्ताह एक भी दिन सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए।
राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 उच्च सदन में पिछले सप्ताह शुक्रवार को पेश किया गया था, जिसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान या उसका अपमान आपराधिक कृत्य माना जायेगा और इसके लिए तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस विधेयक के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है। आज इस विधेयक पर सदन में चर्चा होनी थी।

