

रांची: 3.19 किलो अफीम तस्करी के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी आरोपियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उन्हें छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। मामले की सुनवाई एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत में हुई। एनसीबी के विशेष लोक अभियोजक कुमार वशिष्ठ प्रसाद ने कोर्ट के सामने सात गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और एनसीबी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी माना।





बस से बरामद हुई थी 3.190 किलो अफीम
मामला 9 जुलाई 2021 का है। एनसीबी रांची सब-जोन को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बस के जरिए अफीम ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने ओरमांझी टोल प्लाजा के पास रांची से हजारीबाग जा रही एसी बस को रोका। तलाशी के दौरान 3.190 किलो अफीम बरामद हुई। यह अफीम चतरा निवासी छोटू डांगी उर्फ ललन कुमार डांगी और नरेश कुमार के पास रखे बैग में प्लास्टिक की पुड़िया से मिली थी। जांच आगे बढ़ने पर खूंटी निवासी महेंद्र मुंडा को कथित आपूर्तिकर्ता के तौर पर गिरफ्तार किया गया। अब अदालत ने मामले में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15 साल की सजा सुनाई है।
